Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    अमेरिका-भारत व्यापार समझौते से शेयर बाजार में जोरदार तेजी, शिपिंग कॉर्प, केalyan ज्वैलर्स, BEML और SBI बने प्रमुख लाभार्थी

    3 months ago

    भारतीय शेयर बाजार ने नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत मजबूत नोट पर की। सोमवार को घरेलू इक्विटी बाजारों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक आधे प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से अमेरिका और भारत के बीच घोषित अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे, विदेशी निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनावों में नरमी के संकेतों से प्रेरित रही।

    कारोबार के अंत में निफ्टी 50 करीब 0.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,870 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स में लगभग 0.60 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 84,000 के पार पहुंच गया। केवल प्रमुख सूचकांक ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी उत्साह देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में करीब 1.60 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में लगभग 2.64 प्रतिशत की तेजी रही, जो निवेशकों की जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है।

    अमेरिका-भारत व्यापार समझौते से बढ़ा भरोसा

    बाजार धारणा को मजबूती देने वाला सबसे बड़ा कारण अमेरिका और भारत के बीच व्यापार संबंधों को लेकर आया सकारात्मक संकेत रहा। दोनों देशों द्वारा जारी संयुक्त बयान में यह जानकारी दी गई कि द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए शुल्क दरों में कटौती पर सहमति बनी है। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्क में राहत दी है, जिससे निर्यात से जुड़े क्षेत्रों में नई उम्मीद जगी है।

    इसके साथ ही भारत ने अगले कुछ वर्षों में अमेरिका से बड़े पैमाने पर ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान पुर्जे, प्रौद्योगिकी से जुड़े उपकरण, बहुमूल्य धातु और कोकिंग कोयले की खरीद की मंशा जताई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन बेहतर हो सकता है और भारतीय कंपनियों, विशेष रूप से निर्यात आधारित उद्योगों को लंबी अवधि में लाभ मिल सकता है।

    विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार को समर्थन

    शेयर बाजार में तेजी के पीछे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की सकारात्मक भूमिका भी अहम रही। फरवरी महीने की शुरुआत से ही विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी में उल्लेखनीय निवेश किया है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में अब तक विदेशी निवेशकों ने हजारों करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर डॉलर में नरमी, कच्चे तेल की कीमतों में ठहराव और भारत की मजबूत आर्थिक संभावनाओं ने विदेशी निवेशकों को फिर से भारतीय बाजार की ओर आकर्षित किया है। इसके परिणामस्वरूप बैंकिंग, पूंजीगत सामान, ऑटो सहायक उद्योग और उपभोक्ता क्षेत्रों में खरीदारी बढ़ी।

    कच्चे तेल और वैश्विक संकेतों का असर

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में हालिया नरमी ने भी घरेलू शेयर बाजार को राहत दी है। भू-राजनीतिक तनावों में कमी और आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कम होने से तेल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जाता है, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम होता है।

    साथ ही, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से उभरते बाजारों में निवेश का रुझान बढ़ा है। वैश्विक संकेतों के अनुकूल रहने से भारतीय बाजारों को भी मजबूती मिली और निवेशकों का भरोसा कायम रहा।

    आज के प्रमुख बढ़त वाले शेयर

    सोमवार के कारोबार में कई दिग्गज और मिडकैप शेयरों ने मजबूत प्रदर्शन किया। शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली, जिसे वैश्विक व्यापार गतिविधियों में सुधार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण से जोड़ा जा रहा है।

    ज्वैलरी सेक्टर की प्रमुख कंपनी केalyan ज्वैलर्स के शेयरों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। बाजार जानकारों के अनुसार, शादी-विवाह के सीजन और घरेलू मांग में स्थिरता की उम्मीदों ने इस सेक्टर को समर्थन दिया।

    इसके अलावा, रक्षा और इंजीनियरिंग से जुड़ी कंपनी BEML के शेयरों में तेजी रही, जिसे बुनियादी ढांचा और रक्षा क्षेत्र में सरकारी खर्च बढ़ने की संभावनाओं से बल मिला।

    बैंकिंग क्षेत्र में देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयरों में भी मजबूत उछाल देखा गया। बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद, ऋण वृद्धि में स्थिरता और परिसंपत्ति गुणवत्ता को लेकर भरोसे ने निवेशकों को आकर्षित किया।

    इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी से जुड़े क्षेत्र में Kaynes Technology जैसे शेयरों ने भी निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया, जो घरेलू विनिर्माण और ‘मेक इन इंडिया’ पहल से लाभान्वित हो रहे हैं।

    व्यापक बाजार में स्मॉलकैप और मिडकैप की चमक

    इस कारोबारी सत्र में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने फ्रंटलाइन सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। कई निवेशक इसे संकेत मान रहे हैं कि बाजार में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है और निवेशक विकास-उन्मुख कंपनियों में दांव लगाने को तैयार हैं।

    हालांकि, विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव का जोखिम भी अधिक रहता है। इसलिए निवेशकों को केवल तेजी देखकर निर्णय लेने के बजाय कंपनी के बुनियादी पहलुओं, वित्तीय स्थिति और दीर्घकालिक संभावनाओं का आकलन करना चाहिए।

    आगे के लिए क्या संकेत

    बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार की दिशा वैश्विक आर्थिक संकेतों, अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के विस्तृत प्रावधानों और आगामी नीतिगत घोषणाओं पर निर्भर करेगी। इसके अलावा, केंद्रीय बजट 2026 के बाद विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले सुधारों और सरकारी खर्च की गति पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

    विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि मौजूदा तेजी के बावजूद निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि वैश्विक बाजारों में किसी भी नकारात्मक घटनाक्रम का असर घरेलू बाजार पर पड़ सकता है। ब्याज दरों को लेकर वैश्विक केंद्रीय बैंकों के रुख और भू-राजनीतिक घटनाओं पर भी करीबी नजर रखने की जरूरत होगी।

    निवेशकों के लिए सलाह

    वर्तमान बाजार परिदृश्य में जानकारों की राय है कि निवेशकों को संतुलित रणनीति अपनानी चाहिए। दीर्घकालिक निवेशक मजबूत बुनियादी वाली कंपनियों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, जबकि अल्पकालिक निवेशकों को मुनाफावसूली और जोखिम प्रबंधन को प्राथमिकता देनी चाहिए।

     

    कुल मिलाकर, सोमवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया। मजबूत वैश्विक समर्थन, विदेशी निवेशकों की भागीदारी और घरेलू आर्थिक स्थिरता ने बाजार को नई ऊर्जा दी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह तेजी कितनी टिकाऊ साबित होती है और क्या निवेशकों का भरोसा इसी तरह बना रहता है।

    Click here to Read More
    Previous Article
    बजट 2026 में सीपीएसई की जमीन के लिए समर्पित REITs का प्रस्ताव, निवेशकों और रियल एस्टेट बाजार के लिए क्या मायने
    Next Article
    प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति पर विवाद: कांग्रेस की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखा पत्र, निष्पक्षता बनाए रखने की अपील

    Related देश Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment