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    अंतरराष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन का सफल आयोजन, देश-विदेश के विशेषज्ञों ने साझा किए शोध विचार

    1 month ago

    जयपुर। भौतिकी विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में समापन हुआ। इस सम्मेलन में देश-विदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए नवीनतम शोध, तकनीकी नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर सार्थक चर्चा की।

    सम्मेलन के प्रथम दिवस में विभिन्न समानांतर सत्रों का आयोजन सी.एन.सी.ई.आर. हॉल भौतिकी विभाग के सेमिनार हॉल एवं स्मार्ट क्लासरूम में किया गया। उद्घाटन के पश्चात मुख्य वक्ताओं (Keynote Speakers) के रूप में प्रो. पी. मुथुकुमार (आईआईटी तिरुपति) एवं प्रो. प्रतिभा शर्मा (आईआईटी बॉम्बे) ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए, जिनमें उन्होंने समकालीन वैज्ञानिक चुनौतियों एवं उनके समाधान पर प्रकाश डाला।

    इसके अतिरिक्त आमंत्रित वक्ताओं में प्रो. जी. डी. शर्मा, डॉ. विद्धाधर सिंह, डॉ. सोफिया रानी शैक सहित अनेक विशेषज्ञों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। विशेष रूप से आमंत्रित वक्ता प्रो. आर. के. सिंघल (राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर) ने नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) जैसे महत्वपूर्ण विषय को अत्यंत रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने व्याख्यान में वैज्ञानिक तथ्यों को सुंदर काव्य के माध्यम से व्यक्त करते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    सम्मेलन के दौरान विभिन्न समानांतर सत्रों में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मौखिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं, जिनमें देशभर एवं विदेशों से जुड़े शोधार्थियों ने अपने शोध निष्कर्ष प्रस्तुत किए। दोपहर पश्चात सत्रों में अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं जैसे प्रो. जीन-लुई बॉबे (फ्रांस), प्रो. डेनिएल मिराबिले गट्टिया (इटली) एवं प्रो. एस. ए. शरीफ (अमेरिका) ने अपने व्याख्यान दिए। इसके साथ ही विशेष आमंत्रित व्याख्यान प्रो. वाई. के. विजय द्वारा प्रस्तुत किया गया। पोस्टर सत्र में प्रतिभागियों ने अपने शोध कार्यों का प्रदर्शन कर विशेषज्ञों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए।

    द्वितीय दिवस की शुरुआत तकनीकी सत्रों से हुई, जिसमें प्रो. शिवराज भारद्वाज, प्रो. योगेंद्र के. गौतम, डॉ. मंजू उन्नीकृष्णन सहित अनेक विद्वानों ने अपने विचार साझा किए। आगे के सत्रों में प्रो. आर. देवन, प्रो. अंकुर जैन, डॉ. कमलेंद्र अवस्थी, प्रो. राजेंद्र धायल एवं अन्य विशेषज्ञों ने विविध विषयों पर महत्वपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किए।

    सम्मेलन के अंतर्गत कुल 250 से अधिक मौखिक प्रस्तुतियां एवं 100 से अधिक पोस्टर प्रस्तुतियां आयोजित की गईं, जो शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुईं।

    सम्मेलन का समापन वैलेडिक्टरी सत्र के साथ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एस. एन. डोलिया, कुलपति, श्याम विश्वविद्यालय, दौसा उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में इस प्रकार के सम्मेलनों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह मंच शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवा शोधार्थियों को दिशा प्रदान करता है।

    वैलेडिक्टरी सत्र के दौरान प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा भविष्य में ऐसे आयोजनों को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रतिभागियों से फीडबैक भी प्राप्त किया गया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

    यह सम्मेलन वैज्ञानिक शोध, ज्ञान-विनिमय एवं अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

     

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