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    बENGALURU और MUMBAI में किरायेदारों को बड़ी राहत, सिर्फ दो महीने की सिक्योरिटी डिपॉज़िट का नियम लागू

    1 month ago

    नई दिल्ली | 29 नवंबर 2025

    देश के किराया बाज़ार में वर्षों से चली आ रही अनियमितताओं को दूर करने के लिए सरकार ने होम रेंट रूल्स 2025 को लागू कर दिया है। नए नियमों से विशेष रूप से बेंगलुरु और मुंबई के किरायेदारों को राहत मिलेगी, जहाँ अब तक सुरक्षा राशि कई गुना अधिक ली जाती थी।

    नई व्यवस्था के तहत, आवासीय संपत्तियों के लिए सिक्योरिटी डिपॉज़िट अधिकतम दो महीने के किराए तक सीमित कर दिया गया है। पहले महानगरों में किरायेदारों से 6 से 10 महीने तक का किराया अग्रिम के रूप में मांगा जाता था, जिसे अब अवैध माना जाएगा। इस बदलाव से किरायेदारों पर वित्तीय बोझ कम होगा और किराया व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।


    दो महीने में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

    नए नियमों के अनुसार:

    • हर किराया अनुबंध का दो महीने के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।

    • यह कार्य ऑनलाइन या स्थानीय रजिस्ट्रार कार्यालय में किया जा सकता है।

    • रजिस्ट्रेशन न कराने पर ₹5,000 का जुर्माना देना होगा।

    सरकार ने एक मानक किराया अनुबंध भी जारी किया है, ताकि दोनों पक्षों के बीच किसी भी प्रकार की अनुचित शर्तें बाद में न जोड़ी जा सकें।


    किराया बढ़ाने के नियम अब स्पष्ट

    नए ढांचे में किराया वृद्धि के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए गए हैं:

    • वर्ष में सिर्फ एक बार किराया बढ़ाया जा सकेगा।

    • किसी भी वृद्धि से 90 दिन पहले नोटिस देना आवश्यक होगा।

    • ₹5,000 से अधिक किराया होने पर भुगतान डिजिटल माध्यम से ही होगा।

    • ₹50,000 से अधिक मासिक किराया पर टीडीएस लागू होगा।

    सरकार का उद्देश्य किराया लेन-देन को पारदर्शी, सुरक्षित और विवाद-मुक्त बनाना है।


    60 दिनों में निपटेंगे विवाद

    किरायेदारी से जुड़े विवादों को जल्द सुलझाने के लिए नए नियमों में विशेष प्रावधान किए गए हैं:

    • अब मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल रेंट कोर्ट और रेंट ट्रिब्यूनल बनाए जाएंगे।

    • किसी भी विवाद का निस्तारण 60 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा।

     

    पहले किरायेदारी विवाद वर्षों तक लंबित रहते थे, जिससे किरायेदारों और मकान मालिकों दोनों को कठिनाई होती थी।

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