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    भुज भूकंप के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित सेमिनार

    10 hours ago

    भूकंप सुरक्षा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का पहला दिन

    एमएनआईटी जयपुर में विशेषज्ञों ने साझा किए भूकंप-रोधी निर्माण के अनुभव

    जयपुर।

     

    मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) जयपुर, भवन निर्माण सामग्री प्रौद्योगिकी संवर्धन परिषद (BMTPC) तथा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के सहयोग से आयोजित “भूकंप सुरक्षा एवं भूकंप मानक” विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का पहला दिन अत्यंत सफल, सारगर्भित और ज्ञानवर्धक रहा।

     

    कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. एस. डी. भारती, अध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, एमएनआईटी जयपुर के स्वागत संबोधन से हुई। अपने संबोधन में उन्होंने वर्ष 2001 के भुज भूकंप के पश्चात भारत में भूकंप सुरक्षा की यात्रा, अकादमिक–उद्योग सहयोग तथा अनुसंधान की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

     

    उद्घाटन सत्र में प्रो. एन. पी. पाढ़ी, निदेशक, एमएनआईटी जयपुर ने अपने प्रेरक विचार साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार बीते 25 वर्षों के शोध और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन ने भारत में भूकंप-रोधी निर्माण को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने भूकंप सुरक्षा के क्षेत्र में एमएनआईटी जयपुर के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर संस्थान की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही है।

     

    भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की ओर से निदेशक श्रीमती कनिका कालिया ने भूकंप मानकों की प्रासंगिकता, पूर्व-आपदा तैयारी (Pre-disaster Preparedness) तथा सुरक्षित निर्माण सुनिश्चित करने में BIS की भूमिका पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भुवन भास्कर, अतिरिक्त सचिव एवं इंजीनियर-इन-चीफ, जल संसाधन विभाग, राजस्थान सरकार ने अपने संबोधन में कहा कि भूकंप सुरक्षा केवल एक तकनीकी विषय नहीं, बल्कि जन-सुरक्षा से जुड़ा राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने नीति निर्माण, मानकों के प्रभावी अनुपालन तथा जन-जागरूकता की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

    इस अवसर पर “Basic Concepts in Earthquake Resisting Design of Building” पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसे Earthquake Safety of India द्वारा प्रकाशित किया गया है।

     

    राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रो. सुधीर जैन, कृष्ण वत्सा, जितेन्द्र चौधरी, जसवंत अरलेकर, शुभादीप बनर्जी, नागेश दवुलुरी, अरुण मेनन, टी. के. दत्ता, संजीव सिंह, शैलेश कुमार अग्रवाल, एस. टी. जी. रघुकांत तथा आर. प्रदीप कुमार सहित अनेक विशेषज्ञों ने भूकंप सुरक्षा, भू-तकनीकी सुरक्षा तथा नए IS 1893 : 2025 कोड पर अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने सुरक्षित निर्माण, मजबूत नींव और आपदा-पूर्व तैयारी को अत्यंत आवश्यक बताया। पहले दिन के कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को एमएनआईटी जयपुर स्थित नेशनल अर्थक्वेक टेस्टिंग फैसिलिटी तथा राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र का भ्रमण कराया गया। वहाँ आयोजित प्रदर्शनी के माध्यम से उन्हें भूकंप सुरक्षा से जुड़े आधुनिक फुल-स्केल टेस्टिंग प्रयोगों की जानकारी दी गई।

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