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    Chirality and Origin of Life: Basic Concepts to Modern Day Asymmetric Synthesis विषय पर एक लोकप्रिय व्याख्यान

    3 months ago

    जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग में SMC-Popular Lecture Series के अंतर्गत Chirality and Origin of Life: Basic Concepts to Modern Day Asymmetric Synthesis विषय पर एक लोकप्रिय व्याख्यान आयोजित किया गया। इस व्याख्यान के मुख्य वक्ता केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं स्कूल ऑफ केमिकल साइंसेज़ एंड फार्मेसी के डीन *प्रो. एस. ईश्वर* थे। अपने व्याख्यान में प्रो. ईश्वर ने जीवन की उत्पत्ति में काइरैलिटी की भूमिका, एनेन्टियोमर्स की अवधारणा तथा आधुनिक असममित संश्लेषण में इसके महत्व को सरल एवं रोचक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि प्रकृति में L-अमीनो अम्ल और D-शर्करा की चयनात्मक उपस्थिति जीवन की रासायनिक संरचना की मूलभूत विशेषता है। इसी संदर्भ में उन्होंने प्रसिद्ध *थैलिडोमाइड त्रासदी* का उदाहरण देते हुए बताया कि किसी औषधि के दो एनेन्टियोमर्स जैविक रूप से बिल्कुल अलग प्रभाव दिखा सकते हैं, एक लाभकारी जबकि दूसरा गंभीर दुष्प्रभाव उत्पन्न कर सकता है, इसलिए औषधि संश्लेषण में काइरैलिटी का नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है।

     

    इस अवसर पर विभागाध्यक्ष एवं SMC जयपुर चैप्टर की संयोजक *प्रो. नीलिमा गुप्ता* ने कहा कि ऐसे लोकप्रिय व्याख्यान विद्यार्थियों और शोधार्थियों में विषय के प्रति जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोध प्रेरणा विकसित करते हैं तथा रसायन विज्ञान के आधुनिक आयामों को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में 100 से अधिक संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और एम.एससी. विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।

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