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    गुर्जर संस्कृति, कला और विरासत का गौरव बढ़ाएगा ‘गुर्जर महोत्सव’ का चौथा अध्याय

    2 months ago

    जयपुर प्रेस क्लब में हुआ पोस्टर विमोचन और प्रेस कॉन्फ़्रेंस, समाज की एकता और सांस्कृतिक पहचान पर हुआ मंथन
    जयपुर। सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गौरव और गुर्जर समाज की प्राचीन विरासत को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से “गुर्जर संस्कृति, कला और विरासत का चौथा अध्याय — गुर्जर महोत्सव” का आयोजन जल्द ही सूरजकुंड, फरीदाबाद (हरियाणा) में होने जा रहा है। इस आयोजन की तैयारियों के तहत जयपुर प्रेस क्लब में भव्य पोस्टर विमोचन और प्रेस कॉन्फ़्रेंस का आयोजन किया गया।
    इस अवसर पर देव नारायण बोर्ड, राजस्थान सरकार के पूर्व चेयरमैन जोगेन्द्र सिंह अवाना, अंतर्राष्ट्रीय तीर्थ श्री देवनारायण जन्मस्थली मालासेरी डूंगरी के पुजारी हेमराज पोसवाल, गुर्जर महोत्सव समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। सभी ने समाज की संस्कृति और परंपराओं को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
    वक्ताओं ने कहा कि गुर्जर महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की एकता, परंपरा और गौरव का प्रतीक है। इस मंच के माध्यम से गुर्जर समाज की लोककला, लोकसंगीत, पारंपरिक परिधान, शिल्पकला और ऐतिहासिक धरोहर को विश्व पटल पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
    पोस्टर विमोचन समारोह में पुजारी हेमराज पोसवाल ने कहा कि “देवनारायण भगवान की भूमि मालासेरी डूंगरी विश्वभर में श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। यह महोत्सव समाज के युवा वर्ग को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करेगा।”
    समारोह में उपस्थित जनों ने सामूहिक रूप से जयकारों के साथ समाज की एकता का संदेश दिया —
    “जय जय देव, घर घर देव, जय देवनारायण भगवान, जय साढ़ू माता, जय विश्वविख्यात तीर्थ मालासेरी डूंगरी।”
    अंत में गुर्जर महोत्सव समिति ने बताया कि महोत्सव की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और देशभर से समाज के प्रतिनिधि व कलाकार इसमें भाग लेकर गुर्जर संस्कृति की अनोखी छटा प्रस्तुत करेंगे।

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