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    जेईई-मेन सेशन-1 में 14 लाख स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया

    1 month ago

    अब तक अधिकतम 13.11 लाख स्टूडेंट्स हुए थे रजिस्टर्ड

    जयपुर. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से आयोजित की जा रही देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन सेशन-1 में 14 लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। अंतिम तिथि 27 नवम्बर को भी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया।

    जेईई-मेन आवेदन प्रक्रिया में साल-दर-साल आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले छह वर्षों में यह संख्या दो गुने से भी अधिक हो चुकी है। पिछले 6 वर्षों में सेशन-1 के लिए वर्ष 2021 में 6,52, 628, वर्ष 2022 में 8,72,970, वर्ष 2023 में 8,60,064, वर्ष 2024 में 12,21,624 एवं 2025 में 13,11,544 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष एक लाख विद्यार्थी आवेदन प्रक्रिया में बढ़ चुके हैं। 

    ऐसे में पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखते हुए अप्रेल परीक्षा में दो लाख से अधिक यूनीक स्टूडेंट्स और आवेदन करेंगे, तो वर्ष 2026 में सेशन-1 एवं सेशन-2 मिलाकर यूनीक कैंडिडेट की संख्या 16 लाख से अधिक होना तय है, जिससे गत वर्षों के मुकाबले इस वर्ष एनआईटी, ट्रिपलआईटी में प्रवेश के लिए कम्पीटिशन बढ़ेगा।

    कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि जिन स्टूडेंट्स ने जेईई-मेन आवेदन के दौरान कोई भी गलती कर दी है, उन्हें एक एवं दो दिसम्बर के मध्य गलतियों में करेक्शन का अवसर दिया जाएगा। करेक्शन का यह मौका स्टूडेंट्स के लिए पहला एवं अंतिम मौका होगा।  

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    क्यों बढ़ रहा है ट्रेंड ?

    देश में इंजीनियरिंग एजुकेशन के प्रति रूझान बढ़ता जा रहा है। इसका महत्वपूर्ण कारण है कि देश-दुनिया में तकनीक से जुड़े रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। टेक्नीकल ग्रेजुएट्स को सामान्य ग्रेजुएट्स की तुलना में अधिक व बड़े अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इसके साथ ही इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट्स में सीटों की संख्या भी हर वर्ष बढ़ाई जा रही है। इससे बडे़ संस्थानों में प्रवेश के प्रति स्टूडेंट्स की रूचि बढ़ती जा रही है। सीटों की संख्या अधिक होना, रोजगार के अवसर ज्यादा मिलना और वर्तमान समय में तकनीक का उपयोग बढ़ना, इंजीनियरिंग एजुकेशन के प्रति बढ़ते रूझान का बड़ा कारण है। देश में वर्तमान में आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी एवं जीएफटीआई की कुल सीटें करीब 58 हजार हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज और विश्वविद्यालयों की सीटें हैं, जिनमें अध्ययन कर स्टूडेंट्स कॅरियर बना रहे हैं।

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    स्किल की डिमांड भी बड़ा कारण

    देश में स्किल पॉवर बढ़ाने के लिए सरकारों की ओर से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। युवाओं को स्किल्ड बनाने के लिए प्रोजेक्ट लाए जा रहे हैं। गांव-गांव में स्किल के आधार रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। इसे देखते हुए भी गांव तक के युवा इंजीनियरिंग शिक्षा में कॅरियर देखने लगे हैं। तकनीकी शिक्षा से जुड़कर युवा खुद को स्किल्ड कर रोजगार के लिए तैयार कर रहे हैं।

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