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    जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध ड्रोन गतिविधि, तीन जिलों में तलाशी अभियान तेज

    1 week ago

    जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों में एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पास स्थित कई इलाकों में संदिग्ध ड्रोन गतिविधि देखे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। यह घटनाक्रम रविवार शाम सामने आया, जब सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों के अग्रिम इलाकों में आसमान में उड़ती संदिग्ध वस्तुओं की मौजूदगी दर्ज की गई।

    आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ये उड़ने वाली वस्तुएं सीमा पार की दिशा से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करती नजर आईं और कुछ समय तक मंडराने के बाद वापस उसी दिशा में लौट गईं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सभी गतिविधियां सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में दर्ज की गईं, जिसके बाद तत्काल एहतियाती कदम उठाए गए।

    राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने शाम करीब 6:35 बजे गनिया-कलसियां गांव के ऊपर संदिग्ध गतिविधि देखी। इसके बाद सुरक्षा मानकों के तहत आवश्यक कार्रवाई की गई और क्षेत्र में निगरानी और गश्त को और मजबूत किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या सामग्री की तलाश के लिए जमीन पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

    इसी जिले के तेरीयाथ क्षेत्र के खब्बर गांव में भी एक संदिग्ध उड़ने वाली वस्तु देखी गई, जिसमें टिमटिमाती रोशनी नजर आई। बताया जा रहा है कि यह वस्तु एक दिशा से आती हुई आगे के इलाकों की ओर बढ़ गई। इसके अलावा, सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर के चक बबराल गांव में भी कुछ देर तक ऐसी ही गतिविधि देखी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई।

    पुंछ जिले के मणकोट सेक्टर में भी नियंत्रण रेखा के पास इसी तरह की एक गतिविधि दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार, इन घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जा रहा है और सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त बलों की तैनाती के साथ-साथ तकनीकी निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

    सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बीते दिनों भी सांबा जिले के एक गांव में संदिग्ध तरीके से गिराई गई सामग्री बरामद की गई थी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में सतर्कता और कड़ी कर दी गई। हालांकि, ताजा घटनाओं में किसी भी प्रकार की क्षति या अप्रिय स्थिति की कोई सूचना नहीं है।

    स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति नियंत्रण में है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए तकनीकी निगरानी के साथ-साथ जमीनी स्तर पर समन्वय को और मजबूत करना आवश्यक है। ड्रोन जैसी तकनीकों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अपनी रणनीति में लगातार बदलाव कर रही हैं।

     

    कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में देखी गई इस संदिग्ध गतिविधि ने सुरक्षा व्यवस्था को और सतर्क कर दिया है। तलाशी अभियान जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन और सुरक्षा बलों का कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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