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    नोएडा के मामूरा गांव में बहुमंजिला इमारत में भीषण आग, दो लोगों की मौत, 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया

    2 hours ago

    युगचरण न्यूज़ / 15-07-2026

    उत्तर प्रदेश के नोएडा में बुधवार को एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह हादसा सेक्टर-66 स्थित मामूरा गांव की एक किराये की बहुमंजिला इमारत में हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोग रह रहे थे। सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

    प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि आग की शुरुआत इमारत के अंदर चार्जिंग पर लगे एक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन (ई-स्कूटर) से हुई। इसके बाद आग तेजी से परिसर में खड़े अन्य पेट्रोल चालित दोपहिया वाहनों तक फैल गई, जिससे कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं और लपटों से घिर गई।

    पुलिस ने मामले में इमारत के मकान मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की भी पड़ताल होगी।

    कैसे हुआ हादसा?

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय अचानक इमारत के भूतल से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते कई मंजिलों तक फैल गई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन चार्जिंग पर लगा हुआ था। आशंका है कि चार्जिंग के दौरान तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जिसने आसपास खड़े पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया।

    वाहनों में मौजूद ईंधन के कारण आग तेजी से फैलती चली गई, जिससे पूरी इमारत में अफरा-तफरी मच गई।

    दो लोगों की मौत, कई लोगों की जान बची

    इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है।

    वहीं दमकल कर्मियों, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से करीब 50 किरायेदारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कई लोगों को धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ हुई, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

    समय रहते राहत एवं बचाव अभियान शुरू होने से बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई जा सकी।

    दमकल विभाग ने चलाया राहत अभियान

    घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घने धुएं और तेज लपटों के बीच दमकल कर्मियों ने इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।

    राहतकर्मियों ने ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा। कई घंटों के प्रयास के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया गया।

    अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के बाद पूरे भवन की तलाशी ली गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई व्यक्ति फंसा न रह गया हो।

    मकान मालिक गिरफ्तार

    पुलिस ने इस मामले में इमारत के मकान मालिक को हिरासत में लेकर बाद में गिरफ्तार कर लिया है।

    प्रशासन यह जांच कर रहा है कि इमारत में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि भवन निर्माण और किरायेदारों के आवास से जुड़े सभी नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

    यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इलेक्ट्रिक वाहन की चार्जिंग पर उठे सवाल

    हाल के वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसके साथ ही बैटरी चार्जिंग से जुड़ी सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण विषय बन गई है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि चार्जिंग के दौरान मानक उपकरणों का उपयोग न किया जाए, बैटरी में तकनीकी खराबी हो या विद्युत प्रणाली सुरक्षित न हो, तो आग लगने का खतरा बढ़ सकता है।

    हालांकि इस मामले में वास्तविक कारण का पता विस्तृत फोरेंसिक और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

    बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    इस घटना के बाद एक बार फिर बहुमंजिला आवासीय भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे भवनों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग, फायर अलार्म, धुआं नियंत्रण प्रणाली और नियमित सुरक्षा निरीक्षण बेहद आवश्यक हैं।

    यदि इन व्यवस्थाओं का सही तरीके से पालन नहीं किया जाता, तो छोटी सी घटना भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है।

    प्रशासन करेगा विस्तृत जांच

    पुलिस और प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारी आग लगने के वास्तविक कारण, इमारत की सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत प्रणाली और भवन में मौजूद अन्य संभावित जोखिमों की जांच कर रहे हैं।

    साथ ही यह भी देखा जाएगा कि भवन में रहने वाले लोगों की संख्या अनुमत सीमा के भीतर थी या नहीं तथा भवन निर्माण संबंधी सभी नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

    जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    विशेषज्ञों की सलाह

    अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग हमेशा प्रमाणित चार्जर और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था के साथ ही करनी चाहिए। बैटरी में किसी प्रकार की खराबी दिखाई देने पर उसका तुरंत निरीक्षण कराया जाना चाहिए।

    इसके अलावा बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों को अग्नि सुरक्षा से जुड़े नियमों की जानकारी होना भी आवश्यक है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते सुरक्षित निकला जा सके।

    नोएडा की यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि आधुनिक तकनीक के साथ सुरक्षा मानकों का पालन भी उतना ही जरूरी है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है।

     
     
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