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    प्रधानमंत्री ने नहाय-खाय के पवित्र अनुष्ठान के साथ छठ महापर्व की शुभ शुरुआत पर शुभकामनाएं दीं

    2 months ago

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश और दुनिया भर के श्रद्धालुओं को छठ महापर्व के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं, जो आज नहाय-खाय की पारंपरिक रस्म के साथ शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री ने सभी व्रतियों की अटूट श्रद्धा को नमन किया और इस चार दिवसीय पर्व के गहन सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।

     मोदी ने छठ की बढ़ती वैश्विक मान्यता को स्वीकार करते हुए कहा कि दुनिया भर में भारतीय परिवार पूरे श्रद्धा भाव से इस अनुष्ठान में भाग लेते हैं।

    इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने छठी मैया को समर्पित एक भक्ति गीत साझा किया तथा सभी को इसकी आध्यात्मिक गूंज में डूबने के लिए आमंत्रित किया।

    एक्स पर एक पोस्ट में मोदी ने लिखा:

    “नहाय-खाय के पावन अनुष्ठान के साथ आज से चार दिवसीय महापर्व छठ का शुभारंभ हो रहा है। बिहार सहित देशभर के श्रद्धालुओं को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। सभी व्रतियों को मेरा नमन और वंदन!”

    “हमारी संस्कृति का यह विराट उत्सव सादगी और संयम का प्रतीक है, जिसकी पवित्रता और नियम-निष्ठा अतुलनीय है। इस पावन अवसर पर छठ के घाटों पर जो दृश्य दिखाई देता है, उसमें पारिवारिक और सामाजिक सद्भाव की अद्भुत प्रेरणा होती है। छठ की प्राचीन परंपरा का हमारे समाज पर बहुत गहरा प्रभाव रहा है।”

    “आज विश्व के कोने कोने में छठ को संस्कृति के महाउत्सव के रूप में मनाया जाता है। पूरी दुनिया में रहने वाले भारतवंशी परिवार, इसकी परंपराओं में पूरी आत्मीयता से सम्मिलित होते हैं। मेरी कामना है कि छठी मइया सबको अपना भरपूर आशीर्वाद दें।”

    “छठ महापर्व आस्था, उपासना और प्रकृति प्रेम का एक अनूठा संगम है। इसमें जहां अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाता है, वहीं प्रसाद में भी प्रकृति के विविध रंग समाहित होते हैं। छठ पूजा के गीत और धुनों में भी भक्ति और प्रकृति का अद्भुत भाव भरा होता है।”

    “मेरा सौभाग्य है कि कल ही, मुझे बेगूसराय जाने का अवसर मिला था। बिहार कोकिला शारदा सिन्हा का बेगूसराय से आत्मीय रिश्ता रहा है। शारदा सिन्हा जी और बिहार के कई लोक कलाकारों ने अपने गीतों से, छठ के उत्सव को एक अलग भाव से जोड़ा है।”

    “आज इस महापर्व पर मैं आज आप सभी के साथ छठी मइया के ऐसे गीतों को साझा कर रहा हूं, जिन्हें सुनकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाएगा।

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