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    पिंटरेस्ट नहीं, ओरिजिनल इमेजिनेशन है असली डिज़ाइन: आईआईआईडी जयपुर चैप्टर x जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी

    3 months ago

    -रेखाओं का जादू: कैसे एक विज़न बनता है ग्लोबल पहचान, आर्किटेक्ट्स ने साझा किए राज

     

    -नेक्स्ट-जेन डिज़ाइनर्स के लिए मास्टरक्लास: क्यों टीम वर्क ही है इस इंडस्ट्री की असली 'की'

     

    जयपुर,

     

    एक ख़ाली काग़ज़ पर बनी लकीर कैसे शहर की सबसें बड़ी पहचान बनती है- डिज़ाइन की इसी जादुई जर्नी को समझाते हुए, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ डिज़ाइन ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंटीरियर डिज़ाइनर्स (आईआईआईडी) जयपुर चैप्टर के साथ "जेनेसिस टू रेवेलेशन" बेस्ड सैशन का आयोजन किया। साथ ही, शिक्षा व डिज़ाइन के क्षेत्र में भविष्य के सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए एमओयू भी प्रेज़ेंट किया। जिसका उद्देश्य कल की आर्किटेक्चरल दुनिया को बदलने का जज़्बा रखने वाले स्टूडेंट्स की मेहनत और टेक्नोलॉजी के मेल से बने विचारों को धरातल पर उतारना है।

     

    इस महत्वपूर्ण चर्चा का हिस्सा बनने के लिए मणिपाल यूनिवर्सिटी, आर्किटेक्चर एकेडमी ऑफ डिज़ाइन एंड बिजनेस, आईएनआईएफडी कॉलेज, पोद्दार इंटरनेशनल कॉलेज, आईडीटी जैसे आठ प्रोमिनेंट इंस्टीट्यूशंस के 200 से अधिक स्टूडेंट्स शामिल हुए।

     

    इंडियन हॉस्पिटैलिटी के डिज़ाइन को कॉस्मोपॉलिटन और मॉडर्न बताते हुए, सेशन के चीफ स्पीकर्स, आर्किटेक्ट्स शालिनी अमित (एएसए) के पार्टनर्स, आर्किटेक्ट शालिनी गहलोत व आर्किटेक्ट अमित गहलोत ने स्पष्ट किया कि बड़े ब्रांड्स अब ट्रेडिशनल डिज़ाइंस से आगे बढ़कर कल्चर और ग्लोबल सेफ्टी नॉर्म्स के मेल से नए स्पेस तैयार कर रहे हैं। उन्होंने युवा डिज़ाइनर्स को 'पिंटरेस्ट' के बजाय अपनी ओरिजिनल इमेजिनेशन और हैंड-ड्रॉन स्केचेज़ पर भरोसा करने की सलाह दी। ग्राउंड लेवल पर मटीरियल्स और लोकल आर्टिज़न्स के साथ जुड़ने को उन्होंने सफलता का मूल मंत्र बताया। इस प्रोफ़ेशन की वास्तविकता साझा करते हुए उन्होंने कहा कि शुरुआती 5-7 सालों का पेशेंस ही भविष्य में अच्छे रिटर्न्स दिलाता है, जहाँ होलिस्टिक अप्रोच और मजबूत टीम वर्क ही कामयाबी की असली कुंजी है।

     

    बडिंग डिज़ाइनर्स को क्लासरूम की चार-दिवारी से निकालकर इंडस्ट्री के अस्ली उतार-चढ़ाव से रूबरू करवाते हुए इस सैशन में आईआईआईडी जयपुर चैप्टर की पूरी टीम मौजूद रही जिनमें, आर्किटेक्ट क्षितिज मनु (चेयरमैन), आर्किटेक्ट मनीष ठकुरिया (चेयरमैन इलेक्ट), आर्किटेक्ट आशीष काला (इमीडिएट पास्ट चेयरमैन), इंटीरियर डिज़ाइनर शिखा सिंह (होनरेरी सेक्रेट्री), इंटीरियर डिज़ाइनर जूही केडिया ढाका (होनरेरी जॉइंट सेक्रेट्री), आर्किटेक्ट सुनील जैन (मेम्बर), एवं अनुपमा राणा (को-ऑप्टेड मेम्बर) भी मौजूद रहें।

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