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    राजस्थान विश्वविद्यालय द्वारा ग्राम जयरामपुरा और दौलतपुरा में 'समावेशी विकास के लिए वित्तीय समावेशन' पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित

    3 hours ago

    विश्वविद्यालय सामाजिक उत्तरदायित्व एवं उन्नत भारत अभियान के तहत हुआ कार्यक्रम आयोजन: राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर भी सार्थक परिचर्चा

     

    जयपुर।

    राजस्थान विश्वविद्यालय की टीम द्वारा 'समावेशी विकास के लिए वित्तीय समावेशन' विषय पर दो विशेष जागरूकता सत्रों का आयोजन किया गया।

     

    नोडल अधिकारी व लाइफ़लॉंग लर्निंग विभाग के निदेशक डॉ. अमित शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम राज्यपाल राजस्थान हरिभाऊ बागड़े एवं कुलगुरु प्रोफेसर अल्पना कटेजा के कुशल मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय सामाजिक उत्तरदायित्व (यू एस आर) स्कीम एवं भारत सरकार की ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वाकांक्षी परियोजना “उन्नत भारत अभियान” के तहत आयोजित किया गया। इन सत्रों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नए प्रावधानों और वित्तीय साक्षरता के प्रति जागरूक करना है।

     

    प्रथम सत्र: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयरामपुरा

    कार्यक्रम के प्रथम सत्र का आयोजन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयरामपुरा में कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए किया गया। सत्र की शुरुआत में श्रीमती अंबू वर्मा ने विश्वविद्यालय की टीम का स्वागत किया और इस ज्ञानवर्धक पहल के लिए आभार व्यक्त किया।

     

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चर्चा

    निदेशक डॉ. अमित शर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय में एनईपी के तहत संचालित किए जा रहे विभिन्न पाठ्यक्रमों और उनके महत्व के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी।

     

    वित्तीय समावेशन और डिजिटल बैंकिंग

    तकनीकी सत्र के मुख्य वक्ता सीएस भुवन अग्रवाल ने वित्तीय समावेशन की अवधारणा को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री जन धन योजना, अटल पेंशन योजना, जन आधार योजना और चिरंजीवी योजना के बारे में बताया। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल बैंकिंग, बैंक ऋण प्रक्रियाओं और मीशो व अमेज़न जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यवसाय करने के आधुनिक तरीकों की भी जानकारी दी।

    इस सत्र में स्कूली विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान किया।

     

    द्वितीय सत्र: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दौलतपुरा

    कार्यक्रम का दूसरा सत्र राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दौलतपुरा में परिचर्चा के रूप में विशेष रूप से स्कूल टीचर्स एवं आम ग्रामीणों के लिए आयोजित किया गया। यहाँ कार्यक्रम की शुरुआत में प्राचार्या श्रीमती सुमन अग्रवाल ने विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों का स्वागत किया और ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे सत्रों की उपयोगिता को रेखांकित किया ।

     

    कोर्स स्ट्रीम और मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम

    निदेशक डॉ. अमित शर्मा ने इस सत्र में एनईपी के तहत कोर्स स्ट्रीम में हुए नए बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से 'मल्टीपल एंट्री और एग्जिट' सिस्टम के बारे में बताते हुए कहा कि यह व्यवस्था विद्यार्थियों को अपनी सुविधानुसार पढ़ाई छोड़ने और दोबारा शुरू करने की अनूठी आजादी देती है ।

     

    एनईपी में वित्तीय समावेशन

    विशेषज्ञ सीएस भुवन अग्रवाल ने इस सत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) में वित्तीय समावेशन के दृष्टिकोण और इसके व्यावहारिक महत्व पर चर्चा की, ताकि विद्यार्थी भविष्य में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

    इस विशेष सत्र के आयोजन के लिए सभी शिक्षकों ने राजस्थान विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त किया ।

     

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