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    सिलिकॉन वैली और वॉशिंगटन आज अपने साम्राज्यवादी दौर में हैं

    1 month ago

    बेंगलुरु लिटरेचर फेस्टिवल में पत्रकार कैरेन हाओ ने तकनीकी और राजनीतिक शक्ति संरचनाओं पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सिलिकॉन वैली और वॉशिंगटन दोनों “अपने साम्राज्यवादी युग” में प्रवेश कर चुके हैं, जहां बड़ी टेक कंपनियां ऐसे व्यवहार कर रही हैं मानो वे आधुनिक ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ हों। हाओ ने खासतौर पर OpenAI का उदाहरण देते हुए कहा कि इन कंपनियों के संसाधनों पर दावेदारी और श्रम के उपयोग में चौंकाने वाली समानताएं हैं।

     

    हाओ, जो Empire of AI की लेखिका हैं, ने बताया कि एआई उद्योग आज वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व शक्ति संचय कर रहा है। उनके अनुसार, तकनीकी कंपनियां ऐसे संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित कर रही हैं जो उनके नहीं हैं, और वे भारी मात्रा में श्रम का शोषण भी कर रही हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस शक्ति संतुलन को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया, तो एआई साम्राज्यवाद दुनिया की सामाजिक और राजनीतिक संरचना पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

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