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    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में कैडर पुनर्गठन प्रक्रियाधीन

    1 month ago

    – सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री

    जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि वर्तमान में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में कैडर का पुनर्गठन प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि कोटा संभाग में जनसंख्या एवं कार्यभार के आधार पर संस्थापन अधिकारी का पद सृजित किया जा सकता है। 

     

    उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में संस्थापन अधिकारी के कुल 10 पद स्वीकृत हैं। पूर्व में निदेशालय स्तर पर संस्थापन अधिकारी के 6 पद स्वीकृत थे। संभाग मुख्यालय होने तथा अधिक जनसंख्या एवं कार्यभार को देखते हुए विभाग द्वारा जयपुर शहर एवं जयपुर ग्रामीण के एक-एक पद सृजित किये गये हैं। 

     

    उन्होंने जानकारी दी कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में कैडर पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत प्रथम चरण 10 नवंबर, 2025 को प्रारम्भ किया गया था। सक्षम स्तर से निर्णय उपरांत 7 जनवरी, 2026 को वित्त विभाग की सहमति भी प्राप्त हो चुकी है। द्वितीय चरण में स्वीकृत पदों का गैर अनुसूचित क्षेत्र एवं अनुसूचित क्षेत्र वार विभाजन कर कार्मिकों को पदोन्नति के अवसर भी प्रदान किये गए हैं। उन्होंने कहा कि तृतीय चरण में मंत्रालयिक संवर्ग के अंतर्गत गैर अनुसूचित क्षेत्र के स्वीकृत कुल 586 एवं अनुसूचित क्षेत्र के स्वीकृत कुल 64 पदों का विभाजन विभिन्न स्तरीय आवश्यकताओं के आधार पर एवं बजट मद के अनुसार किया जाना प्रक्रियाधीन है। 

     

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक संदीप शर्मा द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि कोटा संभाग के लाखों लाभार्थियों को राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। संभाग के बारां, बूंदी, झालावाड़ एवं कोटा जिलों में 7,66,903 पेंशन योजनाओं के लाभार्थी है। वर्ष 2026 के लिए इसमें से 7,18,267 पेंशनर्स द्वारा फिज़िकल वेरिफिकेशन कराया जा चुका है, जबकि 48 हजार 636 पेंशनर्स का वार्षिक सत्यापन शेष है, जिसे विभाग द्वारा शीघ्र ही पूर्ण कर दिया जाएगा। 

     

    इससे पहले विधायक शर्मा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि निदेशालय स्तरीय आवश्यकताओं के आधार पर निदेशालय में- 06 पद सृजित किये गए हैं। जनसंख्या के आधार पर वृहत जिला जयपुर (शहरी 34.71 लाख, ग्रामीण 31.54 लाख) होने के कारण एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में स्थानीय दायित्वों की आवश्यकताओं को देखते हुए जयपुर मुख्यालय पर स्थित कार्यालय संयुक्त निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जयपुर शहर-01, कार्यालय उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जयपुर ग्रामीण-01 पद सृजित किये गये हैं।

     

    उन्होंने बताया कि प्रदेश के अन्य संभाग स्तरीय संयुक्त निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कार्यालय में संस्थापन अधिकारी का पद सृजित किया जा सकता है।

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