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    सनातन की आधार भाषा है संस्कृत - बालमुकुंदाचार्य

    3 months ago

     

    संस्कृत के विकास के लिए सरकार गंभीर

     

    जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय का 26वां स्थापना दिवस शुक्रवार को मनाया गया। समारोह के सम्मान्य अतिथि हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि सनातन संस्कृति की आधारशिला संस्कृत भाषा है। संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की जीवन-दृष्टि, ज्ञान-परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का मूल स्रोत है। इसे संरक्षित करना और भावी पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्य अतिथि के रूप में हरिद्वार स्थित उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय ने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा के संवाहक हैं। आवश्यकता है कि संस्कृत को शोध, तकनीक और आधुनिक विषयों से जोड़ते हुए वैश्विक मंच पर स्थापित किया जाए, ताकि इसकी सार्वकालिक उपयोगिता सिद्ध हो सके। कुलपति प्रो. मदनमोहन झा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शास्त्रों का अध्ययन नहीं, बल्कि संस्कृत ज्ञान को समकालीन संदर्भों से जोड़कर समाजोपयोगी बनाना है। संस्कृत शिक्षा के माध्यम से नैतिकता, अनुशासन और समन्वय की भावना विकसित होती है, जो राष्ट्र निर्माण में सहायक है। समारोह में रघुनाथ मंदिर आबू के सियारामदास महाराज, वेदांती हरिशंकरदास, टीला गद्दी आचार्य हरिदासदेवाचार्य, हरिहर मठ के नंदकिशोरदास महाराज सहित अनेक संतों के प्रवचन हुए।

     

    वेद विभागाध्यक्ष डॉ. नारायण होसमने के आचार्यत्व में शांति यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें अनेक शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शास्त्री कोसलेंद्रदास ने किया।

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