Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    शिक्षा विभाग में गहराता असंतुलन: 1.22 लाख पद रिक्त, फिर भी पदोन्नति की राह देख रहे हजारों शिक्षक

    3 months ago

    जयपुर. माध्यमिक शिक्षा विभाग, राजस्थान में कार्मिकों और शिक्षकों के आंकड़ों ने विभाग की कार्यप्रणाली और विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की सुस्ती पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शाला दर्पण पोर्टल पर 1 फरवरी 2026 तक की स्थिति के अनुसार, विभाग में कुल 1,22,409 पद रिक्त हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि एक तरफ उच्च पदों पर भारी रिक्तियां हैं!

     

    ताजा आंकड़ों की जुबानी: कहां कितने पद खाली?

    विभाग द्वारा जारी 1 फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार प्रमुख पदों की स्थिति इस प्रकार है:

     

     *व्याख्याता (School Lecturer): 20,416 पद रिक्त।*

     *वरिष्ठ अध्यापक (Senior Teacher): 42,325 पद रिक्त (सबसे बड़ी रिक्ति)।*

     * शारीरिक शिक्षक (PTI ग्रेड-I, II, III): लगभग 3,000 पद रिक्त।

     * कनिष्ठ सहायक (LDC): 5,903 पद रिक्त।

     * चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी: 24,170 पद रिक्त।

     * अध्यापक लेवल-1: 704 शिक्षक अधिशेष (Surplus)

     

    डीपीसी (DPC) का गणित और बिगड़ा हुआ संतुलन

    विभाग में इस भारी असंतुलन का मुख्य कारण नियमित पदोन्नति (DPC) का न होना है। आंकड़ों का विश्लेषण करने पर एक चौंकाने वाली स्थिति सामने आती है:

     *तृतीय श्रेणी से वरिष्ठ अध्यापक (5 साल से अटकी डीपीसी):*

       *तृतीय श्रेणी शिक्षकों की डीपीसी पिछले 5 वर्षों से लंबित है। यदि यह डीपीसी संपन्न हो जाती है, तो लगभग 32,000 तृतीय श्रेणी शिक्षक, वरिष्ठ अध्यापक बन जाएंगे। इससे वरिष्ठ अध्यापक के 42,325 रिक्त पदों का एक बड़ा हिस्सा भर जाएगा और स्कूलों में विषय अध्यापकों की कमी दूर होगी।*

     

     *वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता (3 साल का इंतजार):*

       वरिष्ठ अध्यापकों से व्याख्याता पद पर पदोन्नति भी पिछले 3 वर्षों से लंबित चल रही है। यदि यह प्रक्रिया पूरी होती है, तो करीब 15,000 वरिष्ठ अध्यापक पदोन्नत होकर व्याख्याता बनेंगे, जिससे व्याख्याताओं के 20,416 रिक्त पदों की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी।

     

    राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया कि विभाग में पदोन्नति की चेन (Chain) पूरी तरह से जाम हो चुकी है। उन्होंने कहा,

     वरिष्ठ अध्यापक और व्याख्याता के पद खाली पड़े हैं। यह स्पष्ट रूप से प्रबंधन की विफलता है। यदि समय पर डीपीसी हो जाए, तो नीचे के पद खाली होंगे और ऊपर के पद भरेंगे, जिससे यह कृत्रिम असंतुलन समाप्त होगा और नई भर्तियों के लिए भी रास्ता खुलेगा।"

     

    वर्तमान में शिक्षा विभाग में यह विरोधाभास साफ है कि अनुभवी शिक्षक पदोन्नति के इंतजार में सेवा निवृत्ति के करीब पहुंच रहे हैं, और स्कूल विषय-विशेषज्ञों के अभाव में जूझ रहे हैं। सरकार को तत्काल प्रभाव से अटकी हुई डीपीसी सूचियां जारी कर इस असंतुलन को दूर करने की आवश्यकता है।

     

     राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मुख्य महामंत्री महेंद्र पाण्डे ने कहा कि संगठन सरकार से मांग करता है कि तृतीय श्रेणी से वरिष्ठ अध्यापक पद पर पदोन्नति हेतु सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है ऐसे में सरकार द्वारा तृतीय श्रेणी अध्यापक को कार्य व्यवस्थार्थ वरिष्ठ अध्यापक पद पर अस्थाई पोस्टिंग दी जा सकती है जिससे बच्चों को पढ़ने हेतु विषय विशेषज्ञ शिक्षक मिल सकेंगे।

    Click here to Read More
    Previous Article
    सनातन की आधार भाषा है संस्कृत - बालमुकुंदाचार्य
    Next Article
    कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने ग्राम उत्थान शिविर का किया निरीक्षण

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment