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    शिक्षाविद् प्रो. प्रवीण चन्द्र त्रिवेदी भारत-भूटान शांति रत्न अवार्ड से सम्मानित

    1 hour ago

    जयपुर. राजनयिक संबंध वियना अभिषरण अधिनियम 1972 तथा भारत-भूटान शांति एवं मैत्री संधि 1949 के तहत, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच के तत्वावधान में भूटान की राजधानी थिम्फू में आयोजित समारोह में पाँच विश्वविद्यालयों के पूर्व कुलपति, वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद् प्रो. प्रवीण चन्द्र त्रिवेदी को "भारत-भूटान शांति रत्न अवार्ड" से सम्मानित किया गया।

    डॉ. त्रिवेदी को यह अवार्ड शिक्षा, सांस्कृतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं अतुल्य योगदान के लिए दिया गया। डॉ. त्रिवेदी ने 250 से अधिक पुस्तकें लिखकर सर्वाधिक वनस्पति शास्त्र विषय में विश्व में सर्वाधिक पुस्तक लेखन एवं संपादक का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। डॉ. त्रिवेदी ने वनस्पति शास्त्र ke शोध क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है. 50 से अधिक छात्र- छात्राओं को पीएचडी करवाई है तथा 375 शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। विश्व के 20 से अधिक देशों में आमंत्रित वक्ता के रूप में विभिन्न विश्वविद्यालयों में व्याख्यान दे चुके हैं। डॉ. त्रिवेदी को यह सम्मान भूटान के आर्थिक मामलों के पूर्व मंत्री लोकनाथ शर्मा एवं संसद के चार सदस्यों द्वारा प्रदान किया गया। डॉ. त्रिवेदी ने भूटान के विदेश मंत्री डी. एन. डूगीयाज से लोकसभा भवन, भूटान में शिष्टाचार भेंट कर भारत एवं भूटान के मध्य मैत्री, सांस्कृतिक सहयोग, विश्व शांति तथा मानवीय एकता जैसे विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श किया। डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि भूटान के प्राकृतिक सौंदर्य, सफाई व्यवस्था, ट्रैफिक व्यवस्था, अनुशासन, देश एवं राजा के प्रति समर्पण भाव, लोगों की सकारात्मक सोच, निःशुल्क शिक्षा एवं चिकित्सा व्यवस्था, पर्यटन के प्रति भाव, नो सिग्नल ट्रैफिक तथा भारत के प्रति सम्मान का भाव हमें इनसे बहुत कुछ सीखने के लिए प्रेरित करता है।

    सात दिवसीय यात्रा के दौरान पारो, फूलसिलिंग, जयगाँव और थिम्फू आदि शहरों का भ्रमण किया तथा महात्मा गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़े अनेक धार्मिक स्थलों का दर्शन किया।

    भूटान की लगभग 7 लाख आबादी गगनचुंबी पहाड़ों में बसी है। लोग सहयोगात्मक स्वभाव एवं दिल जीत लेने वाले हैं। यहाँ की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। भूटान के चारों ओर नदी, झरने, वन एवं पहाड़ हैं। भारत व चीन की सीमा को छूता है, पर विश्वास भारत का ही करता है। भारतीय सेना ही भूटान को सुरक्षा प्रदान करती है। भूटान भारत का बड़ा बाजार भी है। भूटान विश्व में सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता (Gross National Happiness) में सर्वोच्च स्थान रखता है।

     

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