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    दिल्ली में तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर तीन लोगों की संदिग्ध मौत, पुलिस ने बुज़ुर्ग आरोपी को हिरासत में लिया

    3 months ago

    Yugcharan / 13 फ़रवरी 2026

    दिल्ली के पश्चिमी हिस्से में सामने आई एक गंभीर और चिंताजनक घटना ने राजधानी में सुरक्षा और विश्वास से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने एक 72 वर्षीय व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिस पर आरोप है कि उसने तथाकथित तांत्रिक अनुष्ठानों के माध्यम से धन लाभ का भरोसा दिलाकर तीन लोगों की जान ले ली। पुलिस जांच के अनुसार यह घटना एक सोची-समझी साजिश का परिणाम हो सकती है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर या तनाव में रह रहे लोगों को निशाना बनाया गया।

    घटना का प्रारंभिक खुलासा

    यह मामला तब सामने आया जब दिल्ली के पीरागढ़ी क्षेत्र में एक कार के भीतर तीन लोग अचेत अवस्था में पाए गए। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को तुरंत नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में किसी सड़क दुर्घटना या प्राकृतिक कारण के संकेत नहीं मिले, जिसके बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की।

    आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

    पुलिस के अनुसार हिरासत में लिया गया व्यक्ति उत्तर प्रदेश के फिरोज़ाबाद का निवासी है और खुद को एक आध्यात्मिक साधक के रूप में प्रस्तुत करता था। जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से लोगों को विशेष अनुष्ठानों के ज़रिए अचानक धन प्राप्ति का भरोसा दिलाता रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लोगों का विश्वास जीतने के लिए धार्मिक और आध्यात्मिक भाषा का सहारा लेता था, जिससे वे उसके प्रभाव में आ जाते थे।

    जांच के दौरान सामने आए तथ्य

    पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने मीठे खाद्य पदार्थों में हानिकारक तत्व मिलाए थे, जिन्हें अनुष्ठान के हिस्से के रूप में पीड़ितों को दिया गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपने बयान में कई बार भ्रम पैदा करने की कोशिश की और अपनी गतिविधियों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी। इसके बावजूद, तकनीकी साक्ष्यों जैसे सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन डेटा और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से यह पुष्टि हुई कि घटना के दिन आरोपी पीड़ितों के साथ ही मौजूद था।

    पीड़ितों की पहचान

    मृतकों की पहचान दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों के रूप में हुई है। इनमें एक बुज़ुर्ग व्यक्ति, एक प्रॉपर्टी से जुड़े व्यवसाय में कार्यरत व्यक्ति और एक महिला शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि तीनों अलग-अलग पृष्ठभूमि से थे, लेकिन सभी किसी न किसी आर्थिक या व्यक्तिगत परेशानी से जूझ रहे थे, जिसका लाभ आरोपी ने उठाया।

    बरामदगी और भौतिक साक्ष्य

    जांच के दौरान पुलिस ने उस वाहन से कई वस्तुएं बरामद की हैं, जिसमें पीड़ित पाए गए थे। इनमें बोतलें, खाली गिलास, मोबाइल फोन, नकदी, पहचान से जुड़े दस्तावेज़ और अन्य निजी सामान शामिल हैं। इन वस्तुओं को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था और घटना का सटीक क्रम क्या था।

    संभावित नेटवर्क की जांच

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जानकारियों से संकेत मिला है कि आरोपी कई लोगों के संपर्क में था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इसी तरह के वादों के ज़रिए अन्य लोगों को भी प्रभावित तो नहीं किया गया। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या यह मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

    अन्य राज्यों से संभावित संबंध

    पुलिस को संदेह है कि इस घटना का संबंध उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पहले सामने आए कुछ मामलों से हो सकता है, जहां समान तरीके से लोगों को अनुष्ठानों के बहाने बुलाकर नुकसान पहुंचाया गया था। हालांकि इन मामलों के बीच सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है, लेकिन जांच अधिकारी सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं।

    पुलिस की आगे की कार्रवाई

    आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि उससे विस्तृत पूछताछ की जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच का उद्देश्य केवल इस घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों को रोका जा सके। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के चमत्कारी या त्वरित धन लाभ के दावों से सावधान रहें।

    सामाजिक और कानूनी पहलू

    यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि कैसे अंधविश्वास और आर्थिक असुरक्षा का फायदा उठाकर कुछ लोग दूसरों को नुकसान पहुंचाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समाज में जागरूकता बढ़ाने और ऐसे दावों पर कानूनी निगरानी सख्त करने की आवश्यकता है। कानून प्रवर्तन एजेंसियां भी इस दिशा में कदम उठाने की बात कह रही हैं।

    निष्कर्ष

    दिल्ली में सामने आई यह घटना न केवल एक आपराधिक जांच का विषय है, बल्कि यह समाज के लिए चेतावनी भी है। पुलिस जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और तथ्य सामने आने की संभावना है। Yugcharan News इस मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर नज़र बनाए रखेगा और पाठकों को तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराता रहेगा।

     
     
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