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    धौलपुर के कनासिल गांव की दीक्षा त्यागी की किताब राजस्थान साहित्य अकादमी के लिए चयनित

    1 hour ago

     

    धौलपुर के कनासिल गांव की दीक्षा त्यागी की किताब राजस्थान साहित्य अकादमी के लिए चयनित

     

    अपनी लेखनी से कम उम्र में बनाई पहचान, अब साहित्य अकादमी छापेगी किताब

     

    धौलपुर। धौलपुर जिले के कनासिल गांव की प्रतिभाशाली युवा साहित्यकार दीक्षा त्यागी ने अपने सृजन और संवेदनशील लेखन के बल पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ‘पांडुलिपि प्रकाशन सहयोग योजना’ के अंतर्गत उनकी काव्य कृति ‘मेरे तटबंध’ को प्रकाशन हेतु आर्थिक सहयोग के लिए चयनित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल दीक्षा के लिए, बल्कि पूरे धौलपुर जिले और प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

     

    अकादमी के सचिव डॉ. बसंत सिंह सोलंकी द्वारा 1 मई 2026 को जारी प्रेस नोट के अनुसार, इस वर्ष राज्यभर से विभिन्न विधाओं जैसे कविता, कहानी, आलोचना, उपन्यास और अन्य साहित्यिक शैलियों, में कुल 112 पांडुलिपियों का चयन किया गया है। इन चयनित रचनाकारों में धौलपुर जिले से दीक्षा त्यागी इकलौती हैं, जो इस सूची में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल रही हैं। यह तथ्य इस उपलब्धि को और अधिक विशेष बनाता है।

     

    दीक्षा त्यागी वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस कॉलेज में इतिहास विषय से स्नातक (ऑनर्स) तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। कम उम्र में ही उन्होंने साहित्य, शोध और अकादमिक क्षेत्रों में जो मुकाम हासिल किया है, वह असाधारण है। दीक्षा ने अनेक प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजनों, युवा महोत्सवों और विश्वविद्यालय स्तरीय कार्यक्रमों में अपनी कविताओं के माध्यम से श्रोताओं को प्रभावित किया है। साथ ही इतिहास, संस्कृति, राजनीति और समाज से जुड़े विषयों कई लेख विभिन्न राष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हुए हैं। जिनमें दैनिक भास्कर,अहा! जिंदगी, द वायर, ऑर्गनाइज़र, पंचजन्य, स्वदेश आदि प्रमुख हैं।

     

    अकादमिक क्षेत्र में भी उत्कृष्ट पहचान

     

    साहित्य के साथ-साथ दीक्षा ने अकादमिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोधपत्र प्रस्तुत किए हैं। उनके शोध विषय भारतीय ज्ञान परंपरा, इतिहास, सांस्कृतिक अध्ययन और समाज के विविध आयामों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने जमिया मिलिया इस्लामिया, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (शिमला) और अन्य प्रतिष्ठित मंचों पर अपने शोध प्रस्तुत किए हैं। इसके अलावा, उनका एक मोनोग्राफ भी प्रकाशनाधीन है, जो भारतीय साहित्य और दर्शन पर आधारित है।

     

    दीक्षा त्यागी की यह उपलब्धि धौलपुर जिले के युवाओं के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने आई है। इस उपलब्धि से उनके परिवार, मित्रों और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोगों ने उन्हें शुभकामनाएँ दी हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। स्थानीय साहित्यकारों और शिक्षकों ने भी इस उपलब्धि को सराहा है।

     

    साहित्य अकादमी की ‘पांडुलिपि प्रकाशन सहयोग योजना’ से नवोदित लेखकों को नई पहचान

     

    राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर द्वारा संचालित ‘पांडुलिपि प्रकाशन सहयोग योजना’ का उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली और नवोदित साहित्यकारों को प्रोत्साहित करना तथा उनकी उत्कृष्ट रचनाओं को प्रकाशन के माध्यम से व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाना है। यह योजना न केवल लेखकों को आर्थिक संबल देती है, बल्कि साहित्य की गुणवत्ता और विविधता को भी समृद्ध करती है, जिससे प्रदेश में सृजनशील लेखन को नई दिशा और पहचान मिलती है।

     

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