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    वृहद स्तर पर मनाया जाए राजस्थान दिवस:- मुख्य सचिव

    2 months ago

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित हुई पर्यटन तथा कला, साहित्य एवं संस्कृति और पुरातत्व विभाग की समीक्षा बैठक

     

     

     

    कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग द्वारा जयपुर में एक दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किये जाने के दिए निर्देश

     

    जयपुर। मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने कहा है कि इस बार राजस्थान दिवस (19 मार्च 2026) को पर्यटन तथा कला, साहित्य एवं संस्कृति और पुरातत्व विभाग के संयुक्त तत्वाधान में भव्य रूप से आयोजित किया जाए। जिसमें राज्य की विभिन्न कलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले कलाकारों को मंच उपलब्ध करवाया जावे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग उनकी उपस्थिति में जयपुर में कला एवं संस्कृति आधारित एक दिवसीय चिंतन शिविर का बड़े स्तर पर आयोजन किया जावे। 

     

    मुख्य सचिव वी श्रीनिवास की अध्यक्षता तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव, पर्यटन तथा कला, साहित्य एवं संस्कृति और पुरातत्व विभाग प्रवीण गुप्ता, आयुक्त पर्यटन श्रीमती रुक्मणि रियाड़ की उपस्थिति में सोमवार को सचिवालय में पर्यटन विभाग तथा कला, साहित्य एवं संस्कृति और पुरातत्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई जिसमें उन्होंने उक्त निर्देश दिए। 

     

     

    मुख्य सचिव ने राईजिंग राजस्थान में पर्यटन विभाग के प्रदर्शन की जानकारी ली उन्होंने राजस्थान पर्यटन को आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में राजस्थान पर्यटन विभाग ने बेहतरीन उपलब्धियां हासिल की हैं। सोशल मीडिया पर राजस्थान पर्यटन की विजिबिलिटी अच्छी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान पर्यटन के साथ यहां की कला, साहित्य एवं संस्कृति अत्यंत महत्वपूर्ण है जो सम्पूर्ण विश्व को अपनी ओर आकर्षित करती है। 

     

    मुख्य सचिव ने राज्य पर्यटन विभाग के अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि राजस्थान पर्यटन विभाग के लिए कार्य किया जाना गर्व की बात है। आप सब इस पर गर्व करने के साथ ही और अधिक ऊर्जा से कार्य करें। 

     

    पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़ ने प्रस्तुतिकरण देते हुए अवगत करवाया कि राज्य में पर्यटन नीति 2025 लागू हो गई है। इसी प्रकार नई राजस्थान फिल्म प्रोत्साहन नीति-2025 भी जारी की गई है। उन्होंने अवगत कराया कि राज्य में 9 युनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि इस बार राज्य में घरेलू पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। उन्होंने अवगत कराया कि पर्यटन विभाग पर्यटन मार्केटिंग सेगमेंट में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। 

     

    पर्यटन आयुक्त ने बताया कि घरेलु पर्यटन प्रमोशन के साथ ही विदेशी पर्यटन प्रमोशन को भी लक्षित किया गया है। उन्होंने अवगत कराया कि राजस्थान पर्यटन विभाग सोशल मीडिया पर भी अन्य राज्यों की अपेक्षा बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। राजस्थान पर्यटन का यू ट्यूब चैनल सम्पूर्ण भारत में चौथे नम्बर पर है। 

     

    पर्यटन आयुक्त ने राजस्थान पर्यटन विभाग की बजट घोषणाओं की प्रगति से अवगत कराया, पर्यटक सुरक्षा बल के सुदृढ़ीकरण की जानकारी दी। इसके साथ ही पर्यटक सुरक्षा बल में महिलाओं सुरक्षा कर्मियों को बढ़ावा दिए जाने की भी जानकारी दी।

     

    मुख्य सचिव ने राज्य के कला, साहित्य, संस्कृति और पुरातत्व विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्थान की संस्कृति बहुत समृद्ध है। इस राज्य के सांस्कृतिक वैभव और समृद्ध साहित्य और गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य की भाषा, साहित्य, कला से सम्बंधित प्रत्येक अकादमी वर्ष में कम से कम एक बड़ा आयोजन करें। 

     

    मुख्य सचिव ने कहा कि हमारी समृद्ध कला संस्कृति और साहित्य के संरक्षण और बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि कला साहित्य एवं संस्कृति आधारित एक दिवसीय चिंतन शिविर जयपुर में बड़े स्तर पर आयोजित किया जावे, जिसमें वे उपस्थित रहेंगे। 

     

    मुख्य सचिव ने कला एवं साहित्य संस्थाओं में को पुनः ऊर्जावान बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अकादमियों द्वारा किताबों के कम प्रकाशन पर नाराजगी जताई और राजस्थान के अच्छे साहित्यकारों की किताबों के प्रकाशन के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्थान के कम से कम 15 अग्रणी लेखकों की विभिन्न विषय आधारित किताबे प्रकाशित किये जाने के निर्देश दिए। 

     

    मुख्य सचिव ने कहा कि सम्पूर्ण भारत में राजस्थान एक ऐसा राज्य हैं जहाँ साहित्य, कला एवं संस्कृति के प्रत्येक आयाम आधारित संस्थाओं का गठन किया है। इन संस्थाओं का सदुपयोग करते हुए कला साहित्य एवं संस्कृति बेहतर रूप में बढ़ावा देने का कार्य किया जावे। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी साहित्य एवं कला को बढ़ावा देने के लिए पूरी ऊर्जा से कार्य करें।

     

    मुख्य सचिव ने रविंद्र मंच और जवाहर कलाकार केन्द्र पर होने वाले आयोजनों की सूचनाओं का समग्र प्रचार-प्रसार किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदर्शन कलाओं से जुड़े कलाकारों को वृहद स्तर पर मंच उपलब्ध करवा कर उन्हें प्रोत्साहित किया जावे। उन्हें प्रदर्शन के लिए बेहतर अवसर प्रदान किये जावे। 

     

    मुख्य सचिव ने पर्यटन, कला, साहित्य एवं संस्कृति तथा पुरातत्व विभाग के खाली पदों को प्राथमिकता से भरा जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागगीय पदोन्नति से भरे जा सकने वाले पदों को त्वरित प्रभाव से पदोन्नति कर, भरे जावे।

     

    बैठक में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) पर्यटन श्रीमती एकता काबरा, उप सचिव पर्यटन सुरेश बुनकर, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन आनंद त्रिपाठी, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन पवन जैन, संयुक्त निदेशक पर्यटन राजेश शर्मा, संयुक्त निदेशक पर्यटन दलीप सिंह राठौड़, उप शासन सचिव कला, साहित्य एवं संस्कृति श्रीमती अनुराधा गोगिया, निदेशक पुरातत्व विभाग पंकज धरेन्द्र, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण मुख्य कार्यकारी अधिकारी राम रतन शर्मा, निदेशक राजस्थान राज्य अभिलेखगार, बीकानेर चंद्रसेन शेखावत, सचिव राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर बसंत सिंह सोलंकी, निदेशक अरबी फारसी शोध संस्थान, टोंक, भूपेंद्र कुमार यादव, जयपुर कत्थक केन्द्र सचिव श्रीमती श्रुति मिश्रा, राजस्थानी भाषा, साहित्य संस्कृति अकादमी, बीकानेर शरद केवलिया, भारतीय लोक कला मण्डल उदयपुर, टीसी मारवा, निदेशक राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर श्रीमती लता श्रीमाली, सचिव राजस्थान ललित कला अकादमी रजनीश हर्ष, सचिव पंजाबी अकादमी एन पी सिंह, सचिव राजस्थान संगीत नाटक अकादमी श्रीमती गोमती शर्मा तथा अन्य समन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

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