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    विश्व दिव्यांगता जागरूकता दिवस पर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का सफल आयोजन

    1 month ago

    विश्व दिव्यांगता जागरूकता दिवस के अवसर पर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के विशेष शिक्षा विभाग द्वारा पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में दिव्यांगता के प्रति संवेदनशीलता, जागरूकता तथा समावेशी शिक्षा की महत्ता को रेखांकित करना था।

    मुख्य अतिथि प्रेसिडेंट
    डॉ. रश्मि जैन ने अपने संबोधन में कहा कि “दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सहानुभूति पर्याप्त नहीं है। उन्हें अधिकार-आधारित दृष्टिकोण, समान अवसर, सुलभ वातावरण और समावेशी भागीदारी प्रदान करना प्रत्येक शिक्षण संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है। गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ाती है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाती है।”

    उन्होंने आगे कहा कि विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए पोस्टर्स में संवेदनशीलता, रचनात्मकता और सकारात्मक सामाजिक दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। “युवा पीढ़ी समाज में दीर्घकालिक और प्रभावी परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है, और ऐसे आयोजनों के माध्यम से उनमें समावेशी मूल्यों को सुदृढ़ किया जा सकता है।”

    कार्यक्रम की अध्यक्षता विशेष शिक्षा विभाग की अधिष्ठाता डॉ. वंदना सिंह ठाकुर ने की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल रचनात्मकता को बढ़ावा देती हैं, बल्कि छात्रों में मानवीय संवेदनाओं तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का भी विकास करती हैं।

    इस अवसर पर राघवेन्द्र यादव, सीमा चौधरी, गीता रानी, भावना रावत, मनीष कुमार मीणा और धीरज कुमार नागर सहित अन्य विभागीय सदस्य भी उपस्थित रहे।
    प्रतियोगिता का सफल संचालन सुश्री भावना रावत, सहायक आचार्य, विशेष शिक्षा विभाग द्वारा किया गया।

    प्रतियोगिता में विशेष शिक्षा विभाग, मानविकी विभाग तथा विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने पोस्टर्स के माध्यम से—
    • समावेश
    • समान अवसर
    • सुलभता
    • अधिकार आधारित दृष्टिकोण
    जैसे महत्वपूर्ण संदेशों को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया।

    कार्यक्रम के अंत में निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों के रचनात्मक कार्यों की सराहना की और कहा कि ऐसी गतिविधियाँ छात्रों में कला, संवेदना और सामाजिक चेतना—तीनों का समुचित विकास करती हैं।
    विभाग ने सभी प्रतिभागियों एवं विजेताओं को बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे सार्थक और जागरूकता बढ़ाने वाले कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।

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