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    विद्यार्थियों का हो सर्वांगीण विकास- राज्यपाल

    2 months ago

    राज्यपाल ने किया वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय में संवाद
    जयपुर/कोटा। राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने कहा कि विश्वविद्यालय नई शिक्षा नीति और नवाचारों के आलोक में सुयोग्य और क्षमतावान युवा तैयार करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षण के साथ विद्यार्थियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए।
    बागडे बुधवार को वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता शिक्षकों के साथ संवाद कर रहे थे। संवाद के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों की विस्तार से जानकारी ली और निर्देश दिए कि परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद जल्द से जल्द दीक्षांत समारोह आयोजन कर डिग्रियों का वितरण किया जाए ताकि विद्यार्थियों को कॅरियर निर्माण में किसी तरह की बाधा ना आए। विश्वविद्यालय के शैक्षिक उन्नयन एवं शैक्षणेतर  गतिविधियों के संबंध में उन्होंने मार्गदर्शन किया।
    राज्यपाल बागडे ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों में विविध विकास कार्यों के साथ-साथ वहां की विद्यालयी शिक्षण व्यवस्था में भी भागीदार बना जाए। ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर पर ज्ञान और समृद्ध अनुभव मिलेंगे तो उनकी नींव मजबूत होगी, क्षमताओं का विकास होगा। उच्च अध्ययन स्तर तक आते-आते उनके बौद्धिक विकास के आयाम विशिष्ट ही होंगे। वे जिस क्षेत्र में जाएंगे वहां अपनी प्रतिभा के बल पर सर्वश्रेष्ठ कर पाएंगे। इस तरह विश्वविद्यालय श्रेष्ठ एवं सुयोग्य नागरिकों का निर्माण कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय होनहार विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों के अनुभवों से भी लाभान्वित करें। साथ ही अध्यनरत विद्यार्थियों को भी सेमिनार इत्यादि शैक्षणिक और शैक्षणेतर गतिविधियों में अवसर दिए जाएं जिनसे उनकी प्रतिभा का निखार हो सके। 
    राज्यपाल बागडे ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को प्रवेश के समय परिसर में पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जाए और वह अध्ययनकाल के दौरान उसकी सार-संभाल भी करे जिससे एक अपनत्व भाव विश्वविद्यालय के प्रति पैदा हो सके और इस छोटे से कदम से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी भागीदारी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में उपलब्ध पर्याप्त खाली जमीन का उपयोग रुचि, कौशल विकास की गतिविधियों के लिए किया जाए। इससे शारीरिक और बौद्धिक क्षमता का विकास हो सकेगा।
    विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियों पर राज्यपाल एवं कुलाधिपति  बागडे ने कहा कि शोध करने वाले छात्र पीएचडी के लिए ऐसे सार्थक विषय चुनेॅ जो समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी हो। उनका शोध कार्य समाज और राष्ट्र के लिए ज्ञान और प्रेरणा का स्रोत बने।
    उन्होंने विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप किए गए प्रावधानों, नवाचारों, शैक्षणिक उत्कृष्टता व उन्नयन के लिए उठाए गए कदमों, संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों, संसाधनों वित्तीय स्थिति इत्यादि की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

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