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    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी मे हैकाथॉन एवं प्रदर्शनी का सफल आयोजन

    1 month ago

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में संस्थान-स्तरीय हैकाथॉन एवं प्रदर्शन दिवस का सफल आयोजन किया गया।
    इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने अपने संदेश में कहा कि हैकाथॉन और प्रदर्शन दिवस जैसे आयोजन आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में अत्यंत आवश्यक हैं। ये न केवल विद्यार्थियों की रचनात्मक एवं नवाचारी सोच को विकसित करते हैं, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने का अवसर भी देते हैं।यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी सदैव से ऐसे शैक्षणिक एवं तकनीकी कार्यक्रमों को बढ़ावा देती रही है, जिनसे विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, समस्या-समाधान कौशल तथा शोध-आधारित दृष्टिकोण का विकास हो सके।
    मैं आशा करती हूँ कि हमारे विद्यार्थी आगे भी इसी प्रकार अग्रणी भूमिका निभाते हुए समाज और देश की प्रगति में सार्थक योगदान देंगे।”

    इसी क्रम में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) के प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी ने अपने संदेश में कहा कि तकनीकी युग में नवाचार ही प्रगति का मार्ग है। हैकाथॉन जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों के भीतर तकनीकी दक्षता, तार्किक सोच, विश्लेषणात्मक क्षमता तथा समस्या-समाधान की वास्तविक समझ को मजबूत करती हैं।
    IIC का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा मंच प्रदान करना है, जहाँ वे अपने विचारों को वास्तविक प्रोटोटाइप में बदल सकें, प्रयोग कर सकें और अपनी क्षमताओं को पहचान सकें।
    आज के आयोजन में विद्यार्थियों ने जिस उत्साह, कौशल और नवाचारी दृष्टिकोण का प्रदर्शन किया, वह हमारे संस्थान की नवाचार-उन्मुख शिक्षा पद्धति का प्रमाण है। मैं सभी प्रतिभागियों और आयोजन टीम को इसके सफल संचालन के लिए बधाई देता हूँ।”

    साथ ही प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान का संचार करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को ऐसे अवसर प्रदान करना भी है, जिनसे वे समस्याओं की पहचान कर उनके व्यावहारिक समाधान खोजने में सक्षम बन सकें।
    हैकाथॉन एवं नवाचार-आधारित कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुसंधान-उन्मुख चिंतन, प्रयोगात्मक दृष्टिकोण तथा खोजपरक मानसिकता को विकसित करते हैं। इस प्रकार की गतिविधियाँ उन्हें पुस्तकें पढ़ने से आगे बढ़कर वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने का आत्मविश्वास प्रदान करती हैं।
    ऐसे आयोजन भविष्य के उद्यमियों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मैं विश्वास करता हूँ कि हमारे विद्यार्थी आगे भी इसी प्रकार समाजोपयोगी विचारों के साथ नई दिशाएँ स्थापित करेंगे।”

    कार्यक्रम में बेसिक एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान, विशेष शिक्षा, फ़ार्मेसी, कृषि, मानविकी एवं विधि विभाग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने नवाचारी विचार प्रस्तुत किए।
    बी.एससी प्रथम वर्ष की छात्रा रिहान आफ़रीन ने अपने विषय “Pink City Geo Waste” पर उत्कृष्ट प्रस्तुति दी, जिसे सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति घोषित किया गया। साथ ही पूरे कार्यक्रम का संचालन भी रिहान आफ़रीन ने किया, जिसे सभी ने सराहा। कार्यक्रम डॉ. रजनी माथुर, डॉ. वंदना सिंह ठाकुर एवं नीलम वाधवानी के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।

    रिहान की प्रस्तुति के पश्चात डॉ. सागर ने विद्यार्थियों को वर्चुअल प्रयोगशाला से संबंधित प्रयोगों का दृश्य-प्रदर्शन कराया तथा कंप्यूटर प्रयोगशाला में समस्या-समाधान आधारित गतिविधि भी आयोजित की।

    कार्यक्रम के अंत में डॉ. रजनी माथुर ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

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