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    160 साल पहले जयपुर में पहला कन्या विद्यालय

    1 hour ago

    विद्यालय की स्थापना 06 मई 1866 में 3 छात्राओं के द्वारा की गई

     

    पर्यावरण एवं स्वच्छता का संरक्षणता के साथ सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं एवं सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाले शिक्षिकाओं का किया जायेगा सम्मान

    छोटी चैपड पर कोतवाली थाना और महाराजा बालिका विद्यालय जिस हवेली में चलते है वह कालांतर में नाटाणियों की हवेली के नाम पहचानी जाती थी। राजस्व रिकाॅर्ड और पोथी खाने के रिकाॅर्ड में भी यह नाटाणियों की हवेली के नाम से दर्ज है। कोतवाली थाने और महाराजा बालिका विद्यालय का संचालन यहां 06 मई 1866 से महाराजा सवाई रामसिंह के समय से हो रहा है। कन्या विद्यालय स्थापित करने हेतु इसमें बिछाने की दरियां, कुर्सियां और मेजे लाने पर 90 रूपये दो आने खर्च हुये थे। जयपुर ही नहीं राजस्थान भर में 1866 ई. से पूर्व आधुनिक अर्थो में कोई कन्या विद्यालय नहीं खुला था। सात चैको की इस भव्य हवेली का निर्माण नगर सेठ स्वर्गीय लूणकरण भिखारीदास नाटाणी ने कराया था। वर्ष 1968 से यह हवेली राजस्थान पुरावशेष स्थान एवं प्राचीन वस्तु अधिनियम के तहत संरक्षित घोषित है। कला एवं संस्कृति विभाग ने भी इसे संरक्षित घोषित किया हुआ है। यहां संचालित स्कूल का अपना एक रिकाॅर्ड है। राज्य का प्रथम फाईन आर्ट शुरू करने वाला यह बालिका विद्यालय है। जयपुर शहर का यह पहला बालिका विद्यालय है जिसका परीक्षा परिणाम प्रत्येक वर्ष शत-प्रतिशत रहा। वर्तमान में यहां लगभग 1200 बालिकाएं अध्ययनरत् है। 160 साल पहले जयपुर में पहला कन्या विद्यालय शुरू हुआ। धीरे धीरे यहां छात्राओं की संख्या बढने लगी और इस विद्यालय की ख्याति पूरी जयपुर रियासत में फैलती गई। सन 1967 में विद्यालय का शताब्दी दिवस मनाया गया। इसके अगले साल ही 1967 में इसके हीरक जयंती समारोह में भारत  के तत्कालीन राष्ट्रपति डाॅ. जाकिर हुसैन शरीक हुये जो इसके लम्बे इतिहास और कन्या शिक्षा केे क्षेत्र में किये गये अथक प्रयासों का सम्मान था। इस विद्यालय में पढने वाली छात्राओं ने समय समय पर खेल जगत, शिक्षा जगत एवं जन सामाजिक कार्यो के साथ ही कई पूर्व अध्ययनरत् छात्राएं राजकीय/प्रशासनिक सेवाओं के साथ साथ सामाजिक एवं राजनैतिक क्षेत्रों में भी अपना एवं अपने विद्यालय के साथ प्रदेश का नाम भी रोशन कर रही है। जिनमें से उल्लेखनीय है पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा की पत्नी विमला शर्मा, पूर्व राज्यपाल कमला बेनीवाल, अभिनेत्री एवं सिंगर ईला अरूणा, लेखिका रमा पाण्डे आदि यही अध्ययनरत रह चुकी है। इसके साथ ही स्कुल की कई छात्राऐं आज यहां अध्यापिका भी है। विद्यालय की आचार्य श्रीमती अनुराधा शर्मा ने बताया कि विद्यालय में बालिकाओं के सर्वागिण विकास हेतु समय समय पर सामाजिक सरोकारों के उत्थान के साथ सामाजिक कार्य के साथ ही पर्यावरण संरक्षण हेतु बालिकाओं को समय समय पर प्रोत्साहित किया जाता रहा है। साथ ही बालिकाओं के उत्थान के लिये समय समय पर अखिल भारतीय नाटाणी परिवार समिति द्वारा सहयोग प्रदान किया जाता रहा है। विद्यालय की स्थापना पर अखिल भारतीय नाटाणी परिवार समिति राष्ट्रीय महामंत्री गोविन्द नाटाणी ने वर्ष 2026-27 में सर्वाधिक अंक पाने वाली छात्राओं एवं सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाली शिक्षकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जायेगा। कार्यक्रम में जयपुर शहर के जनप्रतिनिधियों सहित जयपुर व्यापार मण्डल के अध्यक्ष सुभाष गोयल सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।

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