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    70 प्रतिशत दिव्यांग सावन ने जेईई-मेन में हासिल किया 99 पर्सेंटाइल

    2 hours ago

    - दो वर्ष की उम्र में हो गया था पोलियो

    - एलन ने फीस में 80 प्रतिशत रियायत दी

    कोटा. शिक्षा की काशी कोटा संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानियों का गढ़ है। यहां स्टूडेंट जो सीखता है वो जीवनभर काम आता है और आगे बढ़ाता है। इसी क्रम में एक और कहानी सामने आई है। ये है एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा में जेईई की तैयारी कर रहे बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर गांव 19 वर्षीय सावन कुमार की। सावन के संघर्ष व प्रतिभा को पहचानते हुए एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट ने उन्हें कोचिंग फीस में 80 प्रतिशत की छूट प्रदान की।

     

    पैरों से कमजोर लेकिन इरादों से मजबूत सावन कुमार ने साबित कर दिया कि हौसले से हर बाधा पर पार पाई जा सकती है। आर्थिक तंगी और शारीरिक विकलांगता जैसी चुनौतियों के बावजूद सावन अपने पैरों पर खड़े होने को लेकर संघर्षरत है। सावन ने जेईई मेन 2026 में 99.1473246 पर्सेंटाइल स्कोर किया है और अब जेईई-एडवांस्ड के लिए तैयारी कर रहा है। सावन ने बताया कि जब मात्र दो वर्ष का था तब पोलियो से ग्रस्त हो गया था। इसके कारण दोनों पैरों में लगभग 70 प्रतिशत लोकोमोटर डिसएबिलिटी विकसित हो गई, जिससे चलने में कठिनाई होती है, अभी भी चलने में परेशानी होती है। इस शारीरिक स्थिति को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया। 

     

    सावन एक साधारण किसान परिवार से है। पिता प्रभु राय के पास अपनी खेती की जमीन नहीं है और वे बटाई पर खेती करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सावन की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही एक स्कूल में हुई। बाद में प्रवेश परीक्षा में श्रेष्ठता साबित करते हुए बिहार के सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई में कक्षा 6 से 10 तक निशुल्क शिक्षा प्राप्त की। कक्षा 10 की बिहार बोर्ड परीक्षा में मेरिट सूची में 10वां स्थान हासिल करने के बाद परिजनों ने इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा भेजने का निर्णय लिया। 

     

    आईआईटी से कम्प्यूटर साइंस लक्ष्य

    सावन का कहना है कि यह सहयोग उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। यदि यह सहायता नहीं मिलती, तो उनके लिए उच्च स्तर की तैयारी करना संभव नहीं होता। किसी भी प्रकार की शारीरिक कमी को अपनी कमजोरी न बनने दें। शिक्षा के माध्यम से खुद को सशक्त बनाएं और अपने व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें। जेईई मेन में प्रदर्शन के बाद अब सावन का अगला लक्ष्य जेईई एडवांस्ड 2026 में सफलता हासिल करना है। वे देश के शीर्ष संस्थानों, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली या आईआईटी मद्रास में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना चाहते हैं। भविष्य में वे सिविल सेवा में जाकर समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्ग की सेवा करना चाहते हैं।

     

    परिवार ने किया मोटिवे

    सावन ने बताया कि उनके जीवन में परिवार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। परिवार ने भी हमेशा सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित किया और कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि वे किसी तरह से पीछे हैं। चलने-फिरने में दिक्कत होने के बावजूद माता-पिता ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। हर परिस्थिति में उनका मनोबल बढ़ाया, जिससे सावन ने शिक्षा को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया।

     

    हर प्रतिभा के साथ है एलन 

    एलन के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने बताया कि एलन हमेशा प्रतिभाशाली और जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद के लिए तत्पर रहता है। सावन की लगन, प्रतिभा और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें विशेष रियायत दी गई, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।

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