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    विदेशों तक पहुंचा सोनम वांगचुक के समर्थन का आंदोलन, अमेरिका, ब्रिटेन और आयरलैंड में प्रदर्शन

    55 minutes ago

    युगचरण न्यूज़ | 22 जुलाई 2026

    नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता दिखाई दे रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन के समर्थन में अमेरिका, ब्रिटेन और आयरलैंड सहित कई देशों में प्रदर्शन आयोजित किए गए। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के साथ न्याय, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और सरकार से जवाबदेही की मांग उठाई।

    इधर भारत में भी आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है। सरकार एक बार फिर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास कर रही है।

    अमेरिका और यूरोप में प्रदर्शन

    मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के न्यूयॉर्क और सैन जोस में भारतीय मूल के लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन कर सोनम वांगचुक और आंदोलन का समर्थन किया। इसी तरह लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग और आयरलैंड की राजधानी डबलिन में भारतीय दूतावास के बाहर भी प्रदर्शन किए गए।

    प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर छात्रों के समर्थन में नारे लगाए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग दोहराई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की।

    "सरकार जवाबदेही तय करे"

    प्रदर्शन में शामिल संगठनों का कहना था कि भारत के छात्रों को निष्पक्ष और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस सुधार और जवाबदेही की आवश्यकता है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से संवाद बढ़ाने और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।

    जारी है सोनम वांगचुक का अनशन

    सोनम वांगचुक कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में 28 जून से आमरण अनशन पर हैं। स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच उन्हें हाल ही में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

    इस बीच केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने अस्पताल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। सरकार और आंदोलन के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता का एक और दौर भी प्रस्तावित है।

    आंदोलनकारी अपनी मांगों पर कायम

    आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय होना चाहिए। इनमें परीक्षा से जुड़े कथित विवादों की निष्पक्ष जांच, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई जैसी मांगें शामिल हैं।

    संसद में भी उठेगा मुद्दा

    सरकार ने लोकसभा में कथित नीट पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े विवादों पर विस्तृत चर्चा कराने की सहमति जताई है। बताया जा रहा है कि इस विषय पर चर्चा की तारीख, नियम और अवधि तय करने के लिए सर्वदलीय बैठक भी प्रस्तावित है।

    अंतरराष्ट्रीय समर्थन से बढ़ा दबाव

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आंदोलन को विदेशों में मिल रहा समर्थन इस मुद्दे को वैश्विक स्तर पर भी चर्चा का विषय बना सकता है। हालांकि अंतिम समाधान सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली बातचीत तथा संसद में होने वाली चर्चा पर निर्भर करेगा।

     

    फिलहाल देश और विदेश दोनों जगहों पर इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में सरकार, आंदोलन के प्रतिनिधियों और संसद में होने वाली बहस के आधार पर इस मुद्दे की आगे की दिशा तय हो सकती है।

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