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    मध्य पूर्व तनाव के बीच सोने में जोरदार तेजी, चांदी ने भी दिखाई मजबूती; निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

    52 minutes ago

    युगचरण न्यूज़ / 22 जुलाई 2026

    मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच बुधवार को वैश्विक और घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में सोने की मांग बढ़ने से इसकी कीमतें दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गईं, जबकि औद्योगिक मांग में सुधार की उम्मीदों के चलते चांदी ने भी शानदार प्रदर्शन किया।

    विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में निवेशकों का रुझान एक बार फिर सोने की ओर बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव, केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद, चीन और भारत जैसे बड़े उपभोक्ता देशों में मजबूत मांग तथा ब्याज दरों को लेकर बनी उम्मीदों ने सोने की कीमतों को मजबूती प्रदान की है।

    एमसीएक्स पर सोने में बड़ी छलांग

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना बुधवार को लगभग 1,580 रुपये की बढ़त के साथ 1,44,463 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच गया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि स्पॉट मार्केट में मजबूत मांग और निवेशकों द्वारा नई खरीदारी किए जाने के कारण वायदा बाजार में भी तेजी देखने को मिली।

    व्यापारियों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में निवेशक जोखिम वाले निवेश विकल्पों से दूरी बनाकर सोने जैसे सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं।

    मुंबई सर्राफा बाजार में भी तेजी

    मुंबई के सर्राफा बाजार में भी कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई।

    बाजार में उपलब्ध दरों के अनुसार—

    • 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना लगभग 1,45,440 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता देखा गया।
    • 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना लगभग 1,44,858 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा।
    • वहीं स्पॉट चांदी की कीमत लगभग 2,26,238 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई।

    सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि ऊंचे दामों के बावजूद निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों की दिलचस्पी बनी हुई है।

    चेन्नई में भी सोने-चांदी के भाव मजबूत

    चेन्नई के बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में स्थिरता के साथ मजबूती देखने को मिली।

    • 22 कैरेट सोना लगभग 13,430 रुपये प्रति ग्राम पर रहा।
    • 18 कैरेट सोना करीब 11,245 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया।
    • वहीं चांदी का भाव लगभग 245 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी त्योहारों और शादी के सीजन को देखते हुए सोने की मांग आगे भी मजबूत बनी रह सकती है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में दो सप्ताह के उच्च स्तर पर सोना

    वैश्विक बाजारों में भी सोने की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया और 4,100 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने में खरीदारी बढ़ाई है। इसके अलावा अगले सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर भी पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

    सोने की कीमतों में तेजी की प्रमुख वजहें

    विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान समय में कई ऐसे कारक हैं जो सोने की कीमतों को लगातार समर्थन दे रहे हैं।

    मध्य पूर्व का तनाव

    क्षेत्र में जारी तनाव और अनिश्चितता के कारण वैश्विक निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की तलाश शुरू कर दी है। ऐसी परिस्थितियों में सोना हमेशा से निवेशकों की पहली पसंद माना जाता है।

    अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक

    बाजार को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व फिलहाल ब्याज दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं करेगा। यदि ब्याज दरें स्थिर रहती हैं तो सोने की मांग को और मजबूती मिल सकती है।

    केंद्रीय बैंकों की खरीद

    दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार अपने स्वर्ण भंडार में बढ़ोतरी कर रहे हैं। इससे वैश्विक स्तर पर सोने की मांग मजबूत बनी हुई है और कीमतों को समर्थन मिल रहा है।

    भारत और चीन की मजबूत मांग

    भारत और चीन दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल हैं। इन दोनों देशों में लगातार बनी हुई मांग ने भी कीमतों को मजबूती प्रदान की है।

    चांदी ने भी किया शानदार प्रदर्शन

    बुधवार को चांदी की कीमतों में भी उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार औद्योगिक गतिविधियों में सुधार की उम्मीदों ने चांदी की मांग को मजबूत किया है।

    चांदी का उपयोग केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, मेडिकल उपकरण और कई अन्य उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसी कारण औद्योगिक मांग बढ़ने की उम्मीद से चांदी की कीमतों में तेजी आई।

    अमेरिका-ईरान कूटनीतिक प्रयासों पर बाजार की नजर

    बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे कूटनीतिक प्रयास भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर रहे हैं। यदि क्षेत्र में तनाव कम होता है तो इसका असर कच्चे तेल सहित अन्य कमोडिटी बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है।

    हालांकि अभी भी वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, जिसके कारण निवेशक सोने में निवेश बनाए हुए हैं।

    दिल्ली में पहले ही बढ़ चुके थे दाम

    इससे पहले मंगलवार को भी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में लगभग 800 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना करीब 1,47,700 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था।

    व्यापारियों के अनुसार घरेलू बाजार में मजबूत मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के कारण यह तेजी देखने को मिली।

    निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

    कमोडिटी बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक, मध्य पूर्व की स्थिति, डॉलर की चाल, महंगाई के आंकड़े और वैश्विक आर्थिक गतिविधियां आगे की दिशा तय करेंगी।

    विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशकों को केवल अल्पकालिक तेजी को देखकर निर्णय नहीं लेना चाहिए। सोना लंबे समय से सुरक्षित निवेश और महंगाई से बचाव का प्रभावी माध्यम माना जाता है, जबकि चांदी में निवेश के साथ-साथ औद्योगिक मांग का भी बड़ा योगदान रहता है।

    आगे क्या?

    यदि मध्य पूर्व में तनाव बना रहता है और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता जारी रहती है, तो आने वाले समय में सोने की कीमतों को और समर्थन मिल सकता है। वहीं, औद्योगिक गतिविधियों में सुधार होने पर चांदी की कीमतों में भी मजबूती बनी रह सकती है।

     

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और घरेलू मांग पर लगातार नजर रखनी चाहिए। फिलहाल सर्राफा बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है और आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के आधार पर कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।

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