Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    कानोडिया स्कूल ऑफ लॉ फॉर वीमेन में वार्षिक दीक्षांत एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन

    1 hour ago

    कानोरिया स्कूल ऑफ लॉ फॉर विमेन, जयपुर में 25 जुलाई 2026 को प्रथम दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह अवसर संस्थान शिक्षकों और छात्राओं के लिए एक अविस्मरणीय क्षण बना। इस समारोह में 2020-25 के बी.ए.,एलएल.बी. की छात्राओं को डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय, जयपुर द्वारा प्रदत्त विधि उपाधियाँ प्रदान की गई।

    संस्थान की निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने कॉलेज की उपलब्धियों और भावी दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। प्राचार्या डॉ. वर्तिका अरोड़ा ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बीते वर्ष 2025-26 की शैक्षणिक व सह-शैक्षणिक गतिविधियों का लेखा-जोखा साझा किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत गर्व और प्रसन्नता का विषय है कि जिस संस्थान की शुरुआत 2018 में केवल पाँच विद्यार्थियों से हुई थी, वह आज लगभग 400 विद्यार्थियों तक पहुँच चुका है और निरंतर प्रगति कर रहा है।

    समारोह की विशेष अतिथि प्रोफेसर (डॉ.) निष्ठा जसवाल, कुलपति, डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय, जयपुर ने अपने सारगर्भित संबोधन से स्नातक छात्राओं का मार्गदर्शन किया। प्रोफेसर निष्ठा जसवाल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को जीवन में आने वाली कठिनाइयों और चुनौतियों का धैर्य एवं आत्मसंयम के साथ सामना करने का संदेश दिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने उपनिषदों, भगवद्गीता तथा स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, आत्मबल और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

    मुख्य अतिथि प्रोफेसर (डॉ.) परमजीत सिंह जसवाल, प्रिंसिपल एडवाइजर-एज्यूकेशन, चेयरमेन ऑफिस, एसआरएम ग्रुप ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें व्यावहारिक जीवन में सफलता के मंत्र दिए। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर संघर्ष, ज्ञान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने नेल्सन मंडेला और स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि डिग्री जीवन की यात्रा का अंत नहीं, बल्कि एक नए संघर्ष और नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है।

    दीक्षांत समारोह के मुख्य चरण में छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं। संस्थान के चेयरमैन श्री सुनील नाथ ने सभी स्नातक विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं और उन्हें भविष्य में देश के प्रतिष्ठित एवं प्रसिद्ध अधिवक्ता बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए निरंतर सीखते रहना चाहिए, क्योंकि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।

    इसके बाद मेधावी छात्राओं को पुरस्कृत किया गया, जिसमें सेमेस्टर टॉपर्स को नकद पुरस्कार दिए गए। साथ ही इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता एवं अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। छात्राओं की सुंदर नृत्य प्रस्तुति ने भी सभी का मन मोह लिया। मंच का संचालन सहायक आचायज्ञ्र, डॉ. सुरभी पारख द्वारा किया गया। अंत में सहायक आचार्य निरुपमा गहलोत ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का औपचारिक समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

     

     

    Click here to Read More
    Previous Article
    जेईसीआरसी ने एनसीआर अलवर में शुरू किया नया कैंपस, 2026-27 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ
    Next Article
    रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी, जयपुर ने QCI में रचा इतिहास, पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान

    Related शिक्षा Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment