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    थाली में परोसे जा रहे 'धीमे जहर' के खिलाफ बगावत: बीकानेर से दिल्ली तक 700+ किमी पैदल मार्च, मिलावटखोरों को फांसी देने की उठी मांग

    55 minutes ago

    देश भर में फल-सब्जियों पर छिड़के जा रहे कीटनाशकों, नकली दूध-घी के सिंडिकेट और भ्रामक विज्ञापनों के जरिए जनता की सेहत से हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ एक बड़ा जनआंदोलन उठ खड़ा हुआ है।

    '#FoodRealityMarch' के बैनर तले बीकानेर से दिल्ली के जंतर-मंतर तक 700 किलोमीटर से अधिक की ऐतिहासिक पदयात्रा शुरू हो चुकी है। 4 सितंबर को बीकानेर के वैष्णो माता मंदिर से शुरू हुआ यह कारवां चूरू जिले में प्रवेश कर चुका है जिसका रात्रि पड़ाव राजलदेसर रहेगा।

    बीकानेर के ​दमित गहलोत के नेतृत्व और संयोजक एडवोकेट जयन्त मूण्ड के मार्गदर्शन में चल रहा यह पैदल मार्च अगले 25 दिनों में रतनगढ़, सीकर, जयपुर, कोटपूतली, बहरोड़ और गुरुग्राम होते हुए दिल्ली पहुंचेगा। रास्ते में पड़ने वाले हर गांव, कस्बे और शहर में संवाद कर लोगों को बताया जा रहा है कि कैसे मुनाफाखोरी के चक्कर में उनकी रसोई तक धीमा जहर पहुंचाया जा रहा है।

    सरकार के सामने रखी गईं 12 बड़ी मांगें:

    ​मिलावटखोरों को फांसी: नकली दूध, मावा, पनीर, आटा और मसालों में जानलेवा मिलावट करने वाले माफिया के खिलाफ सीधे फांसी का कानून बने।

    ​खेतों से जहर बंद हो: फसलों, फलों और सब्जियों को असमय पकाने व उगाने में प्रयुक्त होने वाले घातक रसायनों पर तत्काल पूर्ण रोक लगे।

    ​हेल्थ स्टार रेटिंग व हिंदी में जानकारी: हर डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ पर आगे 5-स्टार रेटिंग (1 स्टार = हानिकारक, 5 स्टार = सुरक्षित) और पीछे सामग्री की पूरी सूची अनिवार्य रूप से बड़े अक्षरों में हिंदी में दर्ज हो।

    ​हर जिले में मुफ्त जांच लैब: FSSAI प्रत्येक जिले में हाईटेक व निशुल्क 'फूड टेस्टिंग लैब' खोले, जहां समयबद्ध रिपोर्ट मिले और आम उपभोक्ता सीधे ऑनलाइन ट्रैक कर सके।

    ​कक्षा 1 से 12 तक 'शुद्ध आहार' विषय: बच्चों को बचपन से सही पोषण समझाने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में अलग शिक्षक और पुस्तक के साथ अनिवार्य विषय जोड़ा जाए।

    ​आर्टिफिशियल फ्लेवर व डाई पर बैन: खाद्य पदार्थों में सिंथेटिक रंगों और केमिकल फ्लेवर के इस्तेमाल को प्रतिबंधित कर केवल प्राकृतिक तत्वों को बढ़ावा मिले।

    पाम ऑयल पर रोक: पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों में स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक पाम ऑयल के उपयोग पर पूरी तरह पाबंदी लगे।

    ​तंबाकू और जर्दा पूरी तरह बंद: कैंसर के 50% से अधिक मामलों के लिए जिम्मेदार गुटखा, जर्दा व तंबाकू उत्पादों की बिक्री देश भर में गैरकानूनी घोषित हो।

    ​भ्रामक प्रचार पर जेल: '100% शुद्ध', 'नेचुरल' या 'ऑर्गेनिक' के फर्जी दावे करने वाली कंपनियों और अस्वास्थ्यकर उत्पादों का विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटीज के खिलाफ जेल की सजा तय हो।

    ​90 दिन में न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट: मिलावटखोरी से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे हेतु विशेष अदालतों का गठन हो, जिनमें 90 दिनों की समयसीमा में फैसला आए।

    ​पैकेज्ड फूड में शुगर पर नियंत्रण: भारत को 'डायबिटीज कैपिटल' बनने से बचाने के लिए पैकेज्ड ड्रिंक्स व स्नैक्स में चीनी की अधिकतम सुरक्षित सीमा निर्धारित की जाए।

    ​कोल्ड ड्रिंक पर देशव्यापी प्रतिबंध: संसद कैंटीन की तरह पूरे देश में अत्यधिक कैफीन, रासायनिक प्रिजर्वेटिव और हानिकारक शुगर वाली कोल्ड ड्रिंक्स की बिक्री पर पूर्ण रोक लगाई जाए।

     

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