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    भारत–जापान संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का भरोसा: प्रधानमंत्री मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची को दी चुनावी जीत पर बधाई

    3 hours ago

    Yugcharan / 08/02/2026

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची को जापान के प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के चुनावों में मिली निर्णायक जीत पर बधाई दी। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी और अधिक सशक्त होगी तथा दोनों देशों के रिश्ते नई ऊँचाइयों तक पहुँचेंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में भारत–जापान संबंधों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह साझेदारी न केवल द्विपक्षीय हितों के लिए बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता, शांति और समृद्धि के लिए भी अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में दोनों देश आपसी सहयोग को और गहरा करेंगे।

    प्रधानमंत्री का संदेश

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से साने ताकाइची को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी चुनावी जीत ऐतिहासिक है और इससे भारत–जापान संबंधों को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच सहयोग लोकतांत्रिक मूल्यों, साझा हितों और अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था पर आधारित है।

    प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत और जापान की साझेदारी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संतुलन, आर्थिक सहयोग, प्रौद्योगिकी विकास और आपसी निवेश को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने यह भी कहा कि साने ताकाइची के नेतृत्व में यह सहयोग और मजबूत होगा।

    जापान में राजनीतिक परिदृश्य

    साने ताकाइची ने हाल ही में हुए आकस्मिक निचले सदन के चुनावों में व्यापक जनादेश हासिल किया है। उनकी पार्टी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) ने अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर मजबूत बहुमत प्राप्त किया है, जिससे सरकार को नीतिगत फैसलों और विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने में मजबूती मिलेगी।

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह जीत जापान की राजनीति में स्थिरता का संकेत मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब देश पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक दबाव, महंगाई और राजनीतिक अस्थिरता जैसी चुनौतियों से जूझ रहा था।

    जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री

    64 वर्षीय साने ताकाइची अक्टूबर 2025 में एलडीपी के नेतृत्व चुनाव में जीत हासिल करने के बाद जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। उनका प्रधानमंत्री बनना जापान के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। उन्होंने सत्ता संभालने के बाद प्रशासनिक सुधारों, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक पुनरुद्धार को प्राथमिकता देने की बात कही थी।

    उनकी नेतृत्व शैली को दृढ़ और स्पष्ट माना जाता है। रक्षा और आर्थिक सुरक्षा के मुद्दों पर उनका रुख सख्त रहा है, वहीं वे तकनीकी नवाचार और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देने की पक्षधर रही हैं।

    भारत–जापान संबंधों की पृष्ठभूमि

    भारत और जापान के बीच संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ का दर्जा प्राप्त है। दोनों देश रक्षा, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, शिक्षा और निवेश जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से सहयोग करते आ रहे हैं।

    जापान भारत के प्रमुख निवेश साझेदारों में से एक है। मेट्रो परियोजनाओं, हाई-स्पीड रेल, स्मार्ट सिटी विकास और औद्योगिक कॉरिडोर जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट्स में जापानी सहयोग देखने को मिला है। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच रक्षा अभ्यास और समुद्री सुरक्षा सहयोग भी लगातार मजबूत हुआ है।

    इंडो-पैसिफिक में सहयोग

    भारत और जापान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मुक्त, खुले और समावेशी व्यवस्था के समर्थक रहे हैं। दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान पर जोर देते हैं। इस संदर्भ में भारत–जापान सहयोग को कई वैश्विक मंचों पर महत्वपूर्ण माना जाता है।

    प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बीच आने वाले समय में होने वाली द्विपक्षीय वार्ताओं से क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण और मजबूत होने की उम्मीद है।

    आगे की राह

    विशेषज्ञों का मानना है कि साने ताकाइची को मिले स्पष्ट जनादेश से उनकी सरकार को रक्षा सुधार, आर्थिक प्रोत्साहन और विदेश नीति के क्षेत्र में निर्णायक कदम उठाने में मदद मिलेगी। भारत के साथ संबंधों को मजबूत करना उनकी विदेश नीति के प्रमुख स्तंभों में शामिल माना जा रहा है।

    भारत सरकार के सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच आगामी महीनों में उच्चस्तरीय वार्ताएं, रणनीतिक संवाद और आर्थिक सहयोग से जुड़े कई अहम कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इन पहलों का उद्देश्य आपसी विश्वास बढ़ाना और साझेदारी को व्यावहारिक रूप से और प्रभावी बनाना होगा।

     

    प्रधानमंत्री मोदी का बधाई संदेश न केवल औपचारिक कूटनीतिक शिष्टाचार का हिस्सा है, बल्कि यह भारत की उस नीति को भी दर्शाता है, जिसमें जापान को एशिया और वैश्विक मंच पर एक भरोसेमंद और अहम साझेदार माना जाता है। साने ताकाइची की जीत के साथ ही दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत होने की संभावना जताई जा रही है, जो आने वाले वर्षों में सहयोग, संवाद और साझेदारी को और सुदृढ़ करेगा।

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