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    एनईपी–2020 पर आयोजित एफडीपी के तृतीय दिवस सीखने की प्रक्रिया और कौशल विकास पर रहा विशेष जोर

    3 months ago

    जयपुर।

    दीपशिखा कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, मानसरोवर, जयपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 (NEP 2020) पर आयोजित पाँच दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का तृतीय दिवस 5 फरवरी 2026 को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी रहा।

     

    तृतीय दिवस की मुख्य वक्ता डॉ. अलका पारेख, शिक्षाविद् ने अपने व्याख्यान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा व्यवस्था को विद्यार्थियों पर पड़ने वाले अत्यधिक शैक्षणिक दबाव को कम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि NEP 2020 प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था की तरह सीखने की प्रक्रिया को स्वाभाविक, आनंददायक और व्यावहारिक बनाने पर बल देती है।

     

    डॉ. पारेख ने कहा कि नीति का प्रमुख उद्देश्य केवल परीक्षाओं तक सीमित न रहकर सीखने की प्रक्रिया (Learning Process) को सुदृढ़ बनाना है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को सरल बनाने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों के ज्ञान का मूल्यांकन उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार किया जाना चाहिए, जिससे वे कौशलयुक्त (Skillful) बन सकें।

     

    उन्होंने यह भी कहा कि आज के डिजिटल युग में पुस्तकों का महत्व गूगल से कहीं अधिक है, क्योंकि पुस्तकें गहन समझ, चिंतन और स्थायी ज्ञान प्रदान करती हैं। NEP 2020 विद्यार्थियों में कौशल विकास और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करती है।

     

    डॉ. पारेख ने 5+3+3+4 शैक्षिक संरचना को विस्तार से समझाते हुए बताया कि यह प्रणाली बच्चों के मानसिक विकास के विभिन्न चरणों के अनुरूप तैयार की गई है। उन्होंने समावेशी शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि यह नीति प्रत्येक बच्चे को समान अवसर प्रदान करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

     

    कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. रीता बिष्ट द्वारा की जा रही है। आयोजन के सफल संचालन में संयोजक डॉ. नीतू चौहान, सह-संयोजक डॉ. अपर्णा सोनी एवं आयोजन सचिव श्रीमती अनिला शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रतिभागी शिक्षकों ने सत्र के दौरान सक्रिय सहभागिता की।

     

    तृतीय दिवस के सत्र ने शिक्षकों को NEP 2020 के विद्यार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण से जोड़ते हुए कार्यक्रम को नई दिशा प्रदान की।

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