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    एनईपी–2020 पर आयोजित एफडीपी के द्वितीय दिवस नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर रहा केंद्रित

    3 months ago

    जयपुर।

    दीपशिखा कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, मानसरोवर, जयपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 (NEP 2020) पर आयोजित पाँच दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का द्वितीय दिवस सार्थक एवं विचारोत्तेजक रहा।

    द्वितीय दिवस के मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) मथुरेश्वर पारेख, पूर्व अधिष्ठाता, शिक्षा संकाय, राजस्थान विश्वविद्यालय ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत एक युवा जनसंख्या वाला देश है, और यदि इस युवा शक्ति को नवाचार एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ा जाए, तो देश को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज भारत मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है और इसका मूल आधार शिक्षा में किया गया निवेश है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा पर किया गया प्रत्येक व्यय, वास्तव में देश के विकास में निवेश है। NEP 2020 इसी सोच के साथ समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देती है, ताकि समाज का कोई भी वर्ग शिक्षा से वंचित न रहे।

    प्रो. पारेख ने मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच पर बल देते हुए कहा कि विभिन्न विषयों का समन्वय छात्रों में रचनात्मक सोच (Creative Thinking) और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करता है। उन्होंने संस्कृत भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा की समझ के लिए संस्कृत एक मजबूत आधार प्रदान करती है।

    उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा का संबंध केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति से जुड़ाव भी संतुलित और संवेदनशील व्यक्तित्व के निर्माण के लिए आवश्यक है। NEP 2020 में प्रस्तावित मल्टीपल एंट्री–एग्जिट सिस्टम को उन्होंने विद्यार्थियों के लिए लचीली और अवसर प्रदान करने वाली व्यवस्था बताया।

    उच्च शिक्षा पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एक सशक्त नियामक संस्था (Single Regulatory Body), स्पष्ट विनियमन और अध्यापक शिक्षा पर विशेष बल ही उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुनिश्चित कर सकते हैं।

    सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से विचार-विमर्श में भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन एवं मार्गदर्शन प्राचार्य डॉ. रीता बिष्ट के नेतृत्व में किया जा रहा है। आयोजन में संयोजक डॉ. नीतू चौहान, सह-संयोजक डॉ. अपर्णा सोनी एवं आयोजन सचिव श्रीमती अनिला शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    द्वितीय दिवस के सत्र ने शिक्षकों को NEP 2020 के व्यावहारिक एवं दूरदर्शी पहलुओं से जोड़ते हुए कार्यक्रम को नई दिशा प्रदान की।

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