Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    ICFAI विश्वविद्यालय, जयपुर में आयोजित हुआ दीक्षांत समारोह — शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का संगम

    2 months ago

    1174 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, युवाओं ने किया उज्जवल भारत निर्माण का संकल्प
    जयपुर।
    ICFAI विश्वविद्यालय, जयपुर का भव्य दीक्षांत समारोह शनिवार, 8 नवंबर 2025 को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जी. सतीश रेड्डी उपस्थित रहे।
    समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एच. पी. सिंह ने की, जबकि प्रोफेसर आर. पी. दास, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, प्रोफेसर एम. पी. फ्लैग, विजनरी लीडरशिप सेल के प्रमुख तथा प्रबंधन बोर्ड एवं एकेडमिक काउंसिल के सदस्य भी शामिल हुए।
    1174 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, नए जीवन की शुरुआत
    दीक्षांत समारोह में कुल 1174 विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों से उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें पीएचडी, एमबीए, एमएससी, बीबीए, बीकॉम (ऑनर्स), बीटेक, बीएससी, बीसीए, एलएलबी (ऑनर्स), बीए-एलएलबी (ऑनर्स), बीए, एलएलएम और बीएड पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल रहे।
    विद्यार्थियों ने अपने परिश्रम और समर्पण से सफलता की नई मिसालें कायम कीं। उन्हें उनके योगदान और उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया।
    मुख्य अतिथि का प्रेरणादायक संदेश
    मुख्य अतिथि डॉ. सतीश रेड्डी ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत आज विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे “नवाचार और नैतिकता के साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण” में अपनी भूमिका निभाएं।
    उन्होंने कहा — “युवाओं को केवल सफल करियर का सपना नहीं देखना चाहिए, बल्कि ऐसा जीवन चुनना चाहिए जो समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दे।”
    उन्होंने ‘विजन इंडिया’ की अवधारणा पर बल देते हुए कहा कि भारत आज आत्मनिर्भरता, विज्ञान, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है। युवाओं को इस परिवर्तन का हिस्सा बनने की जरूरत है।
    कुलपति ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र
    विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एच. पी. सिंह ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह समारोह केवल उपाधि प्रदान करने का नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों की शुरुआत का अवसर है। उन्होंने कहा — “यह विश्वविद्यालय एक ऐसे शिक्षण परिवेश का निर्माण कर रहा है जो नवाचार, अनुसंधान और समाजोन्मुखी विकास को बढ़ावा देता है।”
    कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति भी विद्यार्थियों को प्रेरित कर रहा है।
    संपूर्णता और समर्पण का प्रतीक रहा समारोह
    कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर आर. के. फुलके ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने समारोह की सफलता में योगदान देने वाले सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
    दीक्षांत समारोह ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नवाचार और राष्ट्र निर्माण का माध्यम है।
    संक्षेप में —
    विश्वविद्यालय का यह दीक्षांत समारोह न केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि यह नवाचार, आत्मनिर्भरता और नैतिकता के मूल्यों से ओत-प्रोत एक नए भारत के निर्माण की दिशा में प्रेरक कदम भी सिद्ध हुआ।

    Click here to Read More
    Previous Article
    राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त मुहिम — देसी उत्पादों के माध्यम से ‘बीमारियों से बचाव’ पर जोर
    Next Article
    बियानी कॉलेज में आत्मरक्षा कार्यशाला का सफल समापन

    Related शिक्षा Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment