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    क्रिएटिव यंग माइंड्स ने कला के माध्यम से दी समाज को नई सोच

    2 months ago

    तार से बना विश्व मानचित्र, कपड़ों से बंधी आकृति ने दिखाया आज़ादी और बंधन का संदेश
    जयपुर।
    गुलाबी नगरी जयपुर में आयोजित विभिन्न आर्ट फेयरों में युवा कलाकारों की कल्पनाशीलता और रचनात्मकता ने सबका ध्यान आकर्षित किया। कला की इन अनोखी प्रस्तुतियों ने न केवल दर्शकों को चकित किया बल्कि सामाजिक संदेश भी दिया।
    प्रदर्शनी में आर्ट इंस्टॉलेशन के माध्यम से कलाकारों ने आधुनिक समाज की जटिलताओं, मानवीय भावनाओं और परिवेश के बदलते रंगों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। किसी ने तार से विश्व का नक्शा बनाकर वैश्विक एकता और आपसी जुड़ाव का संदेश दिया, तो किसी ने कपड़ों और धागों से लिपटी मानव आकृति के जरिये सामाजिक बंधनों, असमानताओं और मानसिक जकड़नों को प्रतीकात्मक रूप में उकेरा।
    लोहे, लकड़ी, कपड़े और धागों से सजी कलाकृतियां
    इन इंस्टॉलेशनों में कलाकारों ने लोहे, लकड़ी, कपड़े, रस्सियों और अन्य पारंपरिक सामग्रियों का प्रयोग कर आधुनिक कला की नई परिभाषा लिखी। हर रचना में प्रयोग की गई सामग्री अपने आप में एक कहानी कहती दिखी — कहीं औद्योगिक युग के प्रतीक लोहे ने मजबूती का भाव व्यक्त किया तो कहीं कपड़े और धागे ने संवेदनशीलता और कोमलता को दर्शाया।
    कला और संवेदना का संगम
    युवा कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से यह संदेश दिया कि सृजन केवल सौंदर्य का नहीं, बल्कि समाज को सोचने पर विवश करने का भी माध्यम है। उनकी यह पहल दिखाती है कि नई पीढ़ी कला के जरिए समाज के मूल्य, रिश्ते और असमानताओं पर संवाद करना चाहती है।
    समाज के लिए प्रेरक संदेश
    प्रदर्शनी के आयोजकों के अनुसार, इन युवा कलाकारों की सोच न सिर्फ रचनात्मक है बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी परिचायक है। हर कलाकृति यह बताती है कि जब कल्पना और संवेदना का संगम होता है, तब कला केवल देखने की चीज़ नहीं रहती, बल्कि सोचने की प्रेरणा बन जाती है।

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