Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    मूल्यों और सुदृढ़ चरित्र निर्माण की प्रेरणा देती है गीता

    1 month ago

    संस्कृत विश्वविद्यालय में गीता जयंती

    जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के दर्शन विभाग में सोमवार को गीता जयंती श्रद्धा, उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन से हुआ। मुख्य वक्ता केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रो. कुलदीप शर्मा ने कहा कि गीता मात्र धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को संतुलन, विवेक और कर्तव्यबोध से जोड़ने वाला सार्वकालिक मार्गदर्शक है। उन्होंने गीता के कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग की समग्रता को आधुनिक समाज के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दर्शन विभागाध्यक्ष शास्त्री कोसलेंद्रदास ने की। उन्होंने कहा कि गीता जीवन की उलझनों में समाधान का दार्शनिक पथ प्रस्तुत करती है और आंतरिक शांति का आधार बनती है। डॉ. रामेश्वर नाथ द्विवेदी एवं डॉ. विजय दाधीच ने भी गीता के नैतिक, आध्यात्मिक और व्यावहारिक पक्षों पर प्रकाश डाला और वर्तमान समय में इसके संदेश की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. खुशबू शर्मा ने किया और राजेंद्र रैगर ने स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।

    Click here to Read More
    Previous Article
    समीक्षा बैठक में शासन सचिव ने दिए दिशा निर्देश
    Next Article
    जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर नवनियुक्त कुलपति प्रो. मदन मोहन झा ने संभाला कार्यभार

    Related शिक्षा Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment