Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    Market Readiness, Quality Management and Enterprise Development विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

    2 hours ago

    इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल, एक्सेस डेवेलपमेंट सर्विसेज एवं अमृतांश फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में दिनांक 24 एवं 25 जून, 2026 को Market Readiness, Quality Management and Enterprise Development विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के प्रथम दिन का शुभारम्भ महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के स्वागत भाषण से हुआ। प्रथम सत्र के वक्ता मुकेश गुप्ता (हैलो किसान) ने ‘उद्यमिता विकास एवं अवसर’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि उद्यमिता विकास के लिए कौशल विकास एवं नवाचार का होना आवश्यक है।  आनंद मणि त्रिपाठी (आर्याव्रत ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड) ने ‘बाजार संपर्क एवं व्यापारिक अवसर’ विषय पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने लक्ष्य दर्शकों की पहचान, मूल्य प्रस्ताव एवं लागत का स्पष्टीकरण और प्रतिस्पर्धी विश्लेषण को सबसे महत्वपूर्ण बताया। महाविद्यालय के नारिका इन्क्यूबेशन सेंटर के सफल उद्यमी नंदिनी गट्टानी एवं गुनगुन कौर ने अपने स्टार्टअप यात्रा का वर्णन किया एवं अपनी यात्रा के दौरान आने वाली चुनौतियों को कैसे अवसरों में परिवर्तित किया, के बारे में बताया। संजीता ढ़ाका ने value chain में FPOs एवं महिला उद्यमियों की भूमिका पर प्रकाश डाला एवं शंकर यादव, संस्थापक, नव भूमिका मानव विकास संस्थान, ने स्टार्टअप योजनाओं एवं नीतियों के बारे में अवगत कराया। पहले दिन के अंतिम सत्र में अमृतांश फाउंडेशन के संस्थापक श्रीमान आनंद मणि शुक्ला ने स्टोरेज एवं शेल्फ लाइफ मैनेजमेंट व पैकेजिंग के बारे में जानकारी दी एवं सफल उद्यमी बनने के लिए जरूरी गुण बताए। उन्होंने घर से ही वर्मीकम्पोस्टिंग के द्वारा किस प्रकार जैविक उत्पाद तैयार कर सकते है, का प्रशिक्षण दिया तथा उत्पादन में नवाचार एवं विपणन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। प्रशिक्षण के दूसरे दिन महाविद्यालय की सहायक आचार्य एवं इनोवेशन एम्बेसडर, डॉ. विष्णु प्रिया टेमानी ने लागत एवं मूल्य निर्धारण, स्टॉक प्रबंधन एवं रोकड़ बही प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने व्यवसाय में वास्तविक लागत के आंकलन हेतु आवश्यक तत्वों पर प्रकाश डाला एवं लागत नियत्रंण करते हुए लाभ में वृद्धि करने को सबसे महत्वपूर्ण कारक बताया। डॉ. ऋचा चतुर्वेदी, विभागाध्यक्ष, गृह विज्ञान, ने उत्पाद पैकेजिंग, लेबलिंग एवं गुणवत्ता के मापदंडों के बारे में बताया एवं डॉ. रचना गोस्वामी ने भारतीय मानक ब्यूरो के द्वारा प्रदान किए गए मानक एवं प्रमाणन की जानकारी दी। प्रशिक्षण में सहभागी ग्रामीण क्षेत्रों की उद्यमी महिलाओं ने अपने व्यवसाय से संबंधित प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। महाविद्यालय के इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल अध्यक्ष डॉ. प्रियंका खुराना ने ई-कॉमर्स एवं सोशल मीडिया मार्केटिंग के विकल्पों पर प्रकाश डाला एवं उत्पादों को बेचने के साथ-साथ उन्हें अच्छे से ब्रांडिंग करके सोशल मीडिया के जरिए विपणन करने का एक आसान एवं लागत प्रभावी विकल्प बताया। प्रशिक्षण के समापन सत्र में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने महिलाओं के विकास में आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं सशक्तिकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही प्रतिभागियों को महाविद्यालय के इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल एवं नारिका इन्क्यूबेशन सेंटर के विभिन्न स्रोतों का लाभ उठाते हुए अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 45 ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया एवं स्वरोजगार उद्यम कौशल की महत्वपूर्ण एवं प्रभावी जानकारी प्राप्त की।

    Click here to Read More
    Previous Article
    अशैक्षणिक कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
    Next Article
    पशुपालकों के कल्याण और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment