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    ‘नव विधान: न्याय की नई पहचान’ प्रदर्शनी का उद्घाटन — अमित शाह ने किया लाइव डेमो का अवलोकन नई आपराधिक न्याय प्रणाली को जनता तक पहुंचाने की अभिनव पहल, न्यायिक प्रक्रिया के तीनों चरणों का दृश्य प्रदर्शन

    3 months ago

    जयपुर।
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आपराधिक न्याय प्रणाली के नए स्वरूप को समर्पित भव्य प्रदर्शनी ‘नव विधान: न्याय की नई पहचान’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा भी उपस्थित रहे।
    प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए गृह मंत्री ने न्याय प्रणाली में पारदर्शिता, तकनीकी एकीकरण और पीड़ित-केन्द्रित दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने पूरी प्रक्रिया का लाइव डेमो देखा, जिसमें नए आपराधिक कानूनों की व्यावहारिक झलक प्रस्तुत की गई।
    न्यायिक प्रक्रिया के तीन चरणों को 10 जोनों में किया गया विभाजित
    प्रदर्शनी में अपराध की सूचना से लेकर न्यायिक निर्णय तक की पूरी यात्रा को तीन चरणों में बांटकर दर्शाया गया है:
    • पहला चरण: शिकायत और जांच की प्रक्रिया — कंट्रोल रूम, सीन ऑफ क्राइम और पुलिस स्टेशन के मॉडल
    • दूसरा चरण: वैज्ञानिक एवं कानूनी सत्यापन — हॉस्पिटल, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL), पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ऑफिस
    • तीसरा चरण: न्यायिक निर्णय — डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, जेल, हाई कोर्ट और नए कानूनों की व्याख्या
    प्रदर्शनी का पूरा लेआउट "न्याय प्रथम" की अवधारणा पर आधारित है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को त्वरित, सुलभ और पारदर्शी न्याय प्रणाली से परिचित कराना है।
    नई व्यवस्था में तकनीक और न्याय का संगम
    प्रदर्शनी में नए आपराधिक कानूनों में किए गए व्यापक सुधारों को व्यावहारिक और रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
    • ई-साक्ष्य और ई-प्रक्रियाएं — जैसे ई-सम्मन, ई-प्रोसिक्यूशन
    • साइबर अपराध नियंत्रण के लिए विशेष तंत्र
    • पीड़ितों को प्राथमिकता देने वाले प्रावधान
    • समयबद्ध निस्तारण और सुधारात्मक न्याय प्रणाली
    इन प्रावधानों के माध्यम से औपनिवेशिक कानूनों की विदाई के साथ भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को आधुनिक और जनहितकारी बनाया गया है।
    FSL वाहन और महिला सुरक्षा वाहनों को दिखाई हरी झंडी
    प्रदर्शनी के उद्घाटन से पूर्व गृह मंत्री ने राज्य के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब के 56 विशेष वाहनों और महिला सुरक्षा के लिए 100 स्कूटी एवं मोटरसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल राज्य में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
    वरिष्ठ प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारी रहे उपस्थित
    इस अवसर पर राजस्थान के विधि मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचिव सुधांश पंत, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने प्रदर्शनी को न्यायिक सुधारों की दिशा में एक प्रभावी माध्यम बताया।
    निष्कर्षतः, ‘नव विधान’ प्रदर्शनी केवल एक दृश्य प्रदर्शन नहीं, बल्कि नागरिकों को न्याय की नई सोच से जोड़ने का प्रयास है — जिसमें तकनीक, पारदर्शिता और मानवता तीनों को केंद्र में रखा गया है।

     

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