Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    राजस्थान विश्वविद्यालय में बुधवार को सिंडीकेट की अहम बैठक होगी

    1 hour ago

    जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में बुधवार को सिंडीकेट की अहम बैठक होगी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रस्ताव भी आ रहा है, जिसे लेकर दबी आवाज में शिक्षकों की ओर से अंदरखाने विरोध शुरू हो चुका है। बताया जा रहा है कि सिंडिकेट बैठक में कुलपति प्रो.अल्पना कटेजा के सितंबर 2023 में जारी सेवा संबंधी आदेश में संशोधन का प्रस्ताव लाया जा रहा है।

     

    दरअसल, सितंबर 2023 में कुलपति पद संभालने के दौरान प्रो. कटेजा को विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में उनके प्रोफेसर पद से नियमानुसार ‘बिना वेतन अवकाश’ (लीव विदाउट पे) स्वीकृत किया गया था। यह आदेश उस समय की प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत जारी हुआ था। अब विश्वविद्यालय की डीन्स कमेटी की ओर से एक प्रस्ताव पारित किए जाने की चर्चा है, जिसके तहत उस पुराने आदेश में संशोधन करते हुए ‘लीव विदाउट पे’ का उल्लेख हटाने और उसकी जगह कुलपति पद पर कार्यग्रहण की अनुमति तथा प्रोफेसर पद पर उनका ‘लिएन’ सुरक्षित रखने का उल्लेख जोड़े जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव को लेकर विश्वविद्यालय के भीतर विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। विरोध करने वाले पक्ष का कहना है कि यदि ढाई वर्ष पुराने आदेश में अब संशोधन किया जाता है तो इससे सेवा निरंतरता, वरिष्ठता, पेंशन और अन्य वित्तीय लाभों पर प्रभाव पड़ सकता है। उनका आरोप है कि यह कदम किसी विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने की मंशा से उठाया जा रहा है।

     

    हितों के टकराव का उठाया जा रहा प्रश्न

     

    मामले को लेकर हितों के टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) का प्रश्न भी उठाया जा रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिस पद से संबंधित निर्णय लिया जा रहा है, उसका सीधा संबंध वर्तमान कुलपति से है, इसलिए इस प्रकार के प्रस्ताव की पारदर्शिता और वैधानिकता पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

     

    एजेंडे में शामिल किया गया है यह प्रस्ताव

     

    सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन ने एजेंडे में इस प्रस्ताव को शामिल किया गया है। इस प्रस्ताव को आठवें बिंदु पर रखा गया है। इसमें ​डीन्स कमेटी की 22 अप्रैल 2026 को हुई बैठक का भी हवाला दिया गया है। ऐसे में अब सभी की निगाहें सिंडिकेट की आगामी बैठक पर टिकी हैं, जहां इस प्रस्ताव पर चर्चा और निर्णय होने की संभावना है। यदि प्रस्ताव पारित होता है तो यह विश्वविद्यालय प्रशासन में एक महत्वपूर्ण और विवादास्पद निर्णय माना जा सकता है।

     

    Click here to Read More
    Previous Article
    30 Indian Truck Drivers Detained in US Immigration Enforcement Operation, Deportation Process Underway
    Next Article
    मन्त्र-तन्त्र विज्ञान को आधुनिक चिकित्सा एवं मानसिक स्वास्थ्य से जोड़ने की आवश्यकता प्रो. मदन मोहन झा राजस्थान मन्त्र प्रतिष्ठान की राष्ट्रीय कार्यशाला सम्पन्न तनाव प्रबंधन,

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment