Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 26 जनवरी तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक

    2 hours ago

    जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों/गतिविधियों के ध्येय वाक्य ''स्वतंत्रता का मंत्र-वन्देमातरम' एवं ' समृद्धि का मंत्र-आत्म निर्भर भारत' को लक्षित करके ही सम्पूर्ण गतिविधियों का आयोजन करने के निर्देश दिए हैं। जिससे प्रदेश के प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रभक्ति के भाव संचारित हो।  

     

    मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान में आयोजित होने वाले वन्देमातरम के गायन की गूंज राष्ट्रीय स्तर पर सुनाई दे और प्रत्येक प्रदेश वासी राष्ट्रीयता से ओतप्रोत इन क्षणों से प्रेरणा प्राप्त कर प्रदेश और राष्ट्र को गौरवान्वित करेें।

     

    मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 26 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले द्वितीय चरण के कार्यक्रमों के सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं वीसी द्वारा समस्त जिला कलेक्टर्स की उपस्थिति में बुधवार को शासन सचिवालय में तैयारी बैठक आयोजित की गई।

     

    मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने इस सम्पूर्ण आयोजन को पूर्णतया सफल बनाने के लिए सभी जिला कलेक्टर्स और सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिए कि वे द्वितीय चरण का भारत सरकार की ओर से जारी एसओपी के आधार पर सफलता पूर्वक आयोजित किया जाना सुनिश्चित करें। जिसमें 26 जनवरी से पूर्व सभी राजकीय कार्यालयों में वृहद स्तर पर वन्देमातरम का गायन​ किया जाए। 

     

    उन्होंने गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोेजित हाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान ही वन्देमातरम का गायन​ करवाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

     

     

    बैठक में बताया गया कि 23 जनवरी को प्रदेशभर की 65 हज़ार विद्यालयों में आयोजित होने वाली मेगा पैरेंट टीचर मीट में वन्देमातरम से सम्बन्धित गतिविधियां आयोजित की जाएगी। 

     

    इसके साथ ही राज्य के गैर सरकारी संस्थान, वरिष्ठ नागरिक संगठनों एवं कॉलेज, हॉस्टल तथा सामाजिक संस्थानों व अनाथालयों में भी वंदे मातरम का आयोजन किये जाने के निर्देश दिए गए। 

     

    इसी तरह 24 जनवरी को निबंध, डिबेट, क्विज, रंगोली और पेंटिंग जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन सभी विद्यालयों और कॉलेजों में किया जाएगा। 

     

    25 जनवरी को प्रत्येक जिले में वंदे मातरम् की थीम पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाने तथा इस दौरान वन्देमातरम का गायन किए जाने के निर्देश दिए गए।  

     

    25 और 26 जनवरी को सभी जिलो में सूचना केन्द्रों के माध्यम से वंदे मातरम् थीम आधारित प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। 

     

    पर्यटन विभाग की तरफ़ से मुख्य पर्यटन स्थलों पर ऑडियो वीडियो बूथस् और सेल्फी प्वाइंट लगाए जाएँगे।

     

    बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने बताया कि गणतंत्र दिवस के दिन जयपुर में राज्यपाल के मुख्य आतिथ्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिला मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा स्कूल-कॉलेजों में आयोजित होने वाले सांस्कृति कार्यक्रम के दौरान बड़े पैमाने पर सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया जाएगा। 

     

    इन कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, स्थानीय अधिकारी, प्रमुख हस्तियां और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

     

    द्वितीय चरण में राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड की सहभागिता के साथ वंदे मातरम् से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ, विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, रंगोली, चित्रकला एवं प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी। राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों पर आधारित प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। 

     

    विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां

     

    मुख्य सचिव ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय करते हुए निर्देश दिए कि नगरीय विकास विभाग और स्वायत्त शासन विभाग स्वच्छता के साथ प्रमुख चौराहों, स्वतंत्रता सेनानियों एवं महापुरूषों की मूर्तियों पर पुष्पाजंली कार्यक्रम एवं लाईटिंग का कार्य देखेंगे। 

     

    इसी प्रकार सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग— समस्त सरकारी वेबसाईट पर ''स्वतंत्रता का मंत्र-वन्देमातरम' एवं ' समृद्धि का मंत्र-आत्म निर्भर भारत' की पट्टिका डिस्प्ले करने के निर्देश दिए गए।

     

    ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग—पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों / गतिविधियों का आयोजन।

     

    सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग— राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर वंदे मातरम्@150 पर आधारित प्रदर्शनी का दिनांक 23-26 अगस्त, 2026 तक प्रदर्शन। सोशल मिडिया तथा अन्य माध्यमों से उक्त आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

     

    जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग— प्रदेश के समस्त जनजातिय क्षेत्रों में स्थित छात्रावासों/आवासीय विद्यालयों में तथा जनजातिय बहुल क्षेत्रों में आमजन की वृहद् सहभागिता के साथ वंदे मातरम् का गायन तथा अन्य सांस्कृति कार्यक्रमों/गतिविधियों का प्रदर्शन / आयोजन।

     

    पर्यटन विभाग— प्रदेश के समस्त पर्यटन स्थलों, जहाँ पर वृहद् संख्या में पर्यटकों का आगमन है, वहाँ पर वंदे मातरम् बूथ, सैल्फी पोईंट स्थापित करना।

     

    समस्त सभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टर— जिले में स्थित समस्त सिनेमाघरों में फिल्म प्रदर्शन से पूर्व वंदे मातरम् गायन।

     

    जिले में एक प्रमुख स्थान, जहाँ पर आमजन/पर्यटकों की अधिक आवाजाही है, वहाँ पर वंदे मातरम्@150 पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन तथा वंदे मातरम् बूथ की स्थापना। सैल्फी कैम्पेन तथा पोस्टर, रंगोली, चित्रकला, वाद-विवाद, पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता। जिले की वेबसाईट पर ''स्वतंत्रता का मंत्र-वन्देमातरम' एवं ' समृद्धि का मंत्र-आत्म निर्भर भारत' की पट्टिका डिस्प्ले तथा ऑनलाईन प्रश्नोत्तरी।

     

    यह आयोजन ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रमों को संपन्न कराया जाएगा, जिसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना है।

     

    बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव कला एवं संस्कृति विभाग, प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, कुंजी लाल मीणा, शासन सचिव, प्रारंभिक शिक्षा विभाग कृष्ण कुणाल, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग प्रमुख शासन सचिव डॉ. देबाशीष पृ​ष्टी सहित संबंधित विभाग के अधिकारी और सभी जिलों के जिला कलेक्टर्स वीसी के माध्यम से जुड़े।

    Click here to Read More
    Previous Article
    गौ महोत्सव व श्रीराम कथा के दौरान रामगंजमंडी में रेल यात्रियों को बड़ी राहत
    Next Article
    बनास के तट पर महामिलन: जब देवनारायण ने पहचाना अपना बिछड़ा भाई, नागा साधुओं के साथ हुआ था भीषण संघर्ष

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment