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    राष्ट्रीय उर्वरक बिक्री फ्रेमवर्क से किसानों को मिलेगा पारदर्शी व सुलभ वितरण

    1 hour ago

    जयपुर। कृषि क्षेत्र में उर्वरकों की उपलब्धता को अधिक पारदर्शी, संतुलित एवं किसान-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा “राष्ट्रीय उर्वरक बिक्री फ्रेमवर्क” लागू किया जा रहा है। यह फ्रेमवर्क देशभर में उर्वरकों की बिक्री, वितरण एवं निगरानी की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

     

    राष्ट्रीय उर्वरक बिक्री फ्रेमवर्क की बैठक मंगलवार को प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्रीमती मंजू राजपाल की अध्यक्षता में पंत कृषि भवन में आयोजित हुई।

     

    श्रीमती मंजू राजपाल ने बताया कि इस फ्रेमवर्क के तहत उर्वरकों की बिक्री को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है, जिससे प्रत्येक किसान को उसकी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके। पॉइंट ऑफ सेल (PoS) मशीनों के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण के जरिए बिक्री सुनिश्चित की जा जाएगी, जिससे कालाबाजारी और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

     

    उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के अनुसार उर्वरकों का आवंटन राज्य एवं जिलों की मांग और फसलवार आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा। इससे न केवल समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि संतुलित उर्वरक उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार द्वारा किसानों को जागरूक करने हेतु विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार गतिविधियाँ भी संचालित की जा रही हैं।

    आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल ने कहा कि यह फ्रेमवर्क उर्वरक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने तथा किसानों को उचित मूल्य पर समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा। इसके साथ ही, उर्वरकों के दुरुपयोग को रोकने और कृषि उत्पादन में गुणवत्ता सुधार लाने में भी यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    बैठक में विशेषाधिकारी फार्मर रजिस्ट्री, राजफैड, कृषि एवं उद्यानिकी के अधिकारी एवं उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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