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    राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर राजस्थान विश्वविद्यालय के ई सी एच इन्क्यूबेशन सेंटर में विशेष कार्यशाला का आयोजन

    3 months ago

    जयपुर। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान विश्वविद्यालय के इन्क्यूबेशन सेंटर में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला एवं इंटरएक्टिव सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों को इन्क्यूबेटेड एवं वर्किंग स्टार्टअप्स के साथ प्रत्यक्ष संवाद का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे उन्हें नवाचार, शोध एवं उद्यमिता के व्यावहारिक आयामों को समझने का अवसर मिला।

    कार्यक्रम का शुभारंभ इन्क्यूबेशन सेंटर की समन्वयक प्रो. सुमिता कच्छवाहा एवं टीम द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र में प्रो. कच्छवाहा ने इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना, उद्देश्यों तथा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार आधारित सोच विकसित करने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

    इंटरएक्टिव सत्र में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख स्टार्टअप्स ने अपने कार्यों एवं उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। इनमें प्राकृतिक रंगों के उत्पादन पर कार्यरत स्टार्टअप, सोडानी बायोटेक,कृतिका रिसर्च डायनामिक्स (ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन से संबंधित), Freudia - मेन्टल हेल्थ केयर एंड काउन्सलिंग, डॉ. विष्णु शर्मा द्वारा बियानी बायो सॉल्यूशंस, तथा सीयाज ईको-फ्रेंडली एवं रोबोटिक्स क्षेत्र में कार्यरत कॅप्टचा रोबोटिक्स के संस्थापक नितिन माथुर ने विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, ऑटोमेशन एवं उभरती तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।स्टार्टअप्स प्रमुख रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल विकास एवं प्रोटोटाइप निर्माण के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया।

    कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को इन्क्यूबेशन सेंटर में उपलब्ध हाई-एंड उपकरणों का भ्रमण भी कराया गया। उन्हें 3D प्रिंटर, फ्लोरोसेंस स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, गैस क्रोमैटोग्राफी–मास स्पेक्ट्रोस्कोपी (GC-MS), हाई परफॉर्मेंस लिक्विड क्रोमैटोग्राफी (HPLC), सेल लाइन कल्चर तकनीक एवं स्कॉलर सुविधाओं की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। तकनीकी अधिकारी दीपक कुमार शर्मा ने लैब विजिट के दौरान उपकरणों के संचालन एवं अनुसंधान में उनके उपयोग को समझाया।

    द्वितीय सत्र में डॉ. सुनील छिम्पा ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप की सफलता की कहानियों, आइडिया से प्रोटोटाइप विकास, बिजनेस मॉडल निर्माण एवं बाजार रणनीति के विषय में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार वैज्ञानिक शोध को उद्यमिता में परिवर्तित कर सामाजिक एवं आर्थिक विकास में योगदान दिया जा सकता है।

    कार्यक्रम में, डॉ. अनीता मिश्रा एवं डॉ. स्मिता सिंह सहित अनेक शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

    कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर आयोजित यह कार्यशाला विज्ञान, अनुसंधान एवं स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।

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