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    स्किल्स, एआई और एडेप्टेबिलिटी: सफलता के तीन मंत्र, जेईसीआरसी में इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने दी सीख

    2 hours ago

    जेईसीआरसी में आयोजित हुआ टैलेंट एक्विजिशन लीडर्स मीट 2026

    इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने कहा एआई नहीं, एआई को समझने वाले करेंगे भविष्य पर राज

    जयपुर,

    जेईसीआरसी  में आयोजित टैलेंट एक्विजिशन लीडर्स मीट 2026 में देश की अग्रणी कंपनियों के एचआर और टैलेंट एक्विजिशन विशेषज्ञों ने छात्रों को भविष्य के रोजगार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आवश्यक कौशलों के बारे में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि तेजी से बदलती दुनिया में सफलता के लिए केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। स्किल्स, एआई की समझ और परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने की क्षमता यानी एडेप्टेबिलिटी ही भविष्य की सफलता के तीन प्रमुख मंत्र हैं।

    सैंडिस्क के ब्रायन सिसारियो ने कहा कि आने वाले समय में एआई लोगों की नौकरियां नहीं लेगा, बल्कि वे लोग आगे बढ़ेंगे जो एआई का प्रभावी उपयोग करना जानते हैं। उन्होंने छात्रों को नई तकनीकों को अपनाने और लगातार सीखते रहने की सलाह दी।

    एडोबी के समर्थ आर्या ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया एक मंच की तरह है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है। उन्होंने छात्रों को अपनी पहचान बनाए रखने के साथ-साथ विनम्र और प्रामाणिक बने रहने का संदेश दिया।

    ऑटोरैबिट के एस. आर. कृष्णमूर्ति ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में मजबूत अवधारणात्मक समझ सफलता की नींव होती है। उन्होंने एआई को एक सक्षम सहायक बताते हुए कहा कि छात्रों को उस पर पूरी तरह निर्भर होने के बजाय अपनी रचनात्मकता और नवाचार क्षमता को विकसित करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सफलता और असफलता दोनों की जिम्मेदारी व्यक्ति स्वयं पर होती है। उन्होंने छात्रों को शोध पत्र पढ़ने, नई तकनीकों को समझने और सीखने की निरंतर प्रक्रिया को अपनाने की सलाह दी।

    ईबे के वेंकटेश नीलम ने कहा कि रोजगार योग्य बनने के लिए केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि संचार कौशल, समस्या समाधान क्षमता और टीमवर्क जैसे गुण भी आवश्यक हैं। उन्होंने हैकाथॉन को प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन मंच बताते हुए कहा कि वहां कॉलेज नहीं, बल्कि व्यक्ति की क्षमता और प्रदर्शन मायने रखता है।

    विशेषज्ञों ने छात्रों को शुरुआती करियर में केवल नौकरी के निश्चित घंटों पर ध्यान देने के बजाय सीखने की मानसिकता विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में अपस्किलिंग, अनलर्निंग और री-लर्निंग की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही छात्रों को एआई से संचालित होने के बजाय एआई को अपने विकास का साधन बनाना सीखना होगा।

    इस अवसर पर जेईसीआरसी फाउंडेशन के डिप्टी डायरेक्टर, कॉर्पोरेट रिलेशंस, रमेश रावत ने कहा, “आज इंडस्ट्री केवल डिग्री नहीं, बल्कि स्किल्स, एडेप्टेबिलिटी और सीखने की क्षमता को महत्व देती है। जेईसीआरसी लगातार ऐसे मंच उपलब्ध करा रहा है जहां छात्र सीधे इंडस्ट्री लीडर्स से संवाद कर सकें और भविष्य की आवश्यकताओं को समझ सकें। हमारा उद्देश्य छात्रों को केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि भविष्य का नेतृत्व करने के लिए तैयार करना है।”

    कार्यक्रम ने छात्रों को इंडस्ट्री की वर्तमान आवश्यकताओं, भविष्य के रोजगार अवसरों और सफल करियर के लिए जरूरी कौशलों को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। साथ ही इसने शिक्षा और कॉर्पोरेट जगत के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

     

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