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    योग से ही निरोग रहेगा शरीर: राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में उत्साहपूर्वक मनाया गया 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

    1 hour ago

    जयपुर। जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय (जेआरआरएसयू) के मदाऊ, भांकरोटा स्थित परिसर में रविवार को12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों, प्रबुद्ध आचार्यों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने न केवल योग के विभिन्न आसनों का प्रदर्शन किया, बल्कि मानव जीवन में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए योग की महत्ता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

     

    -'स्वस्थ शरीर और सुखी जीवन' का संदेश

     

    कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (डॉ.) मदन मोहन झा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह आत्मा को परमात्मा से और मन को शरीर से जोड़ने का विज्ञान है। उन्होंने भारतीय संस्कृति और संस्कृत वांग्मय में छिपे स्वास्थ्य सूत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। जब तक हमारा शरीर पूरी तरह निरोग नहीं होगा, तब तक हम जीवन के वास्तविक सुख और लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर सकते। उन्होंने सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाने का आह्वान किया। शैक्षणिक निदेशक डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव को दूर करने में योग की भूमिका को रेखांकित किया। अनुसंधान निदेशक डॉ. राजधर मिश्र ने बताया कि कैसे प्राचीन योग पद्धतियों पर आज वैश्विक स्तर पर शोध हो रहे हैं और यह चिकित्सा विज्ञान के पूरक के रूप में उभर रहा है। डीन डॉ. दिवाकर मिश्र तथा वेद विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नारायण होसमने ने वेदों और उपनिषदों के संदर्भों के माध्यम से योग के आध्यात्मिक महत्व को समझाया।

     

    -यह रहा कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण

     

    समारोह का मुख्य आकर्षण सामूहिक योगाभ्यास सत्र रहा, जो योग विभाग के डॉ. शत्रुघ्न सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। डॉ. सिंह ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्राणायाम (जैसे अनुलोम-विलोम, कपालभाति) और आसनों के सही तरीके व उनसे होने वाले शारीरिक लाभों की जानकारी दी।

    इस पूरे कार्यक्रम का अत्यंत कुशल और ऊर्जावान संचालन योग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर वंदना राठौड़ ने किया। उन्होंने योग क्रियाओं के बीच-बीच में शारीरिक सुख, मानसिक शांति और दीर्घायु होने के वैज्ञानिक सूत्रों को विस्तार से साझा किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य शशि कुमार शर्मा और विवि के आयुर्वेद अस्पताल के डॉक्टर रीटा, रिंकी गौड़, पूनिता चोटियाँ, विकास कोलीवाल, तरुण सिंह, रवि पारीक सहित अन्य लोग उपस्थित थे कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने नियमित रूप से योग करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की शपथ ली। परिसर का वातावरण 'ॐ' की ध्वनि और योग के संकल्प से गुंजायमान रहा।

     

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