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    वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा पर व्यापक मंथन

    1 day ago

    एनईपी–2020 पर आयोजित पाँच दिवसीय एफडीपी का समापन

    जयपुर।

    दीपशिखा कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, मानसरोवर, जयपुर द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 (NEP 2020) पर आयोजित पाँच दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का पंचम एवं अंतिम दिवस 7 फरवरी 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समापन सत्र की मुख्य वक्ता डॉ. अलका पारीक , शिक्षाविद् रहीं।

    अपने उद्बोधन में डॉ. अलका पारेख ने कहा कि NEP 2020 वैश्विक आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाली दूरदर्शी नीति है, जो शिक्षा को समता (Equity), गुणवत्ता (Quality), पहुँच (Access), वहनीयता (Affordability) और जवाबदेही (Accountability)—इन पाँच स्तंभों पर आधारित करती है। उन्होंने डिजिटल लर्निंग को समय की मांग बताते हुए कहा कि तकनीक आधारित शिक्षा से सीखना अधिक सुलभ, लचीला और प्रभावी हुआ है।

    उन्होंने बाल-केंद्रित शिक्षा (Child-Centric Education) पर बल देते हुए कहा कि शिक्षण पद्धतियाँ विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता और सीखने की गति के अनुरूप होनी चाहिए। साथ ही रचनात्मक एवं आलोचनात्मक शिक्षण विधियाँ (Creative & Critical Teaching Methods) अपनाने तथा शिक्षा को अनुसंधान-उन्मुख (Research-Oriented) बनाना आवश्यक बताया। उन्होंने उच्च शिक्षा में पीएम विद्यालक्ष्मी योजना का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों के लिए वित्तीय सहायता के अवसरों पर भी प्रकाश डाला।

    समापन सत्र में पूरे एफडीपी के दौरान हुई चर्चाओं का सार प्रस्तुत किया गया।

    प्रथम दिवस में डॉ. रोहित जैन ने Indian Knowledge System पर विचार रखे।

    द्वितीय दिवस में प्रो. (डॉ.) मथुरेश्वर पारीक ने नवाचार, युवा जनसंख्या, शिक्षा में निवेश, संस्कृत भाषा के महत्व एवं 5+3+3+4 संरचना पर प्रकाश डाला।

    तृतीय दिवस में डॉ. अलका पारीक ने सीखने की प्रक्रिया, परीक्षा सुधार, पुस्तक संस्कृति एवं कौशल विकास पर बल दिया।

    चतुर्थ दिवस में डॉ. रश्मि जैन ने Outcome Based Education, Program एवं Course Outcome, Graduate Attributes, वैश्विक शिक्षा ढांचा तथा Vision–Mission पर विस्तृत चर्चा की।

    कार्यक्रम का आयोजन डॉ. प्रेम सुराणा (अध्यक्ष) एवं डॉ. अंशु सुराणा (प्रेसिडेंट) के संरक्षण में किया गया। एफडीपी की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. रीता बिष्ट द्वारा की गई।कार्यक्रम की संयोजक डॉ. नीतू चौहान, सह-संयोजक डॉ. अपर्णा सोनी एवं आयोजन सचिव अनिला शर्मा ने समापन अवसर पर समस्त वक्ताओं, आयोजक मंडल एवं सभी प्रतिभागियों को सक्रिय सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।राज्य के विभिन्न भागों से बड़ी संख्या में शिक्षकों की सहभागिता के साथ यह एफडीपी ज्ञानवर्धक, समसामयिक एवं उपयोगी सिद्ध हुई।

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