Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    विश्वविद्यालय ऑफ टेक्नोलॉजी में धूमधाम से मनाई गई बाबा साहेब की जयंती

    2 hours ago

    जयपुर। वाटिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के स्कूल ऑफ लॉ में भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित विशेष शैक्षणिक सत्र एवं संगोष्ठी की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. रश्मि जैन ने की, जबकि कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने मुख्य संरक्षक के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। अपने संबोधन में कुलपति डॉ. रश्मि जैन ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और सफलता की प्रेरणादायक मिसाल है, जो विशेष रूप से विधि के विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता एवं संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करने पर बल दिया।

    चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून की पढ़ाई का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाना होना चाहिए। उन्होंने डॉ. अंबेडकर के प्रसिद्ध संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में समझाते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।

    कार्यक्रम के दौरान स्कूल ऑफ लॉ के छात्र-छात्राओं ने बाबा साहेब के जीवन, विचारों एवं संवैधानिक मूल्यों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। साथ ही, विद्यार्थियों द्वारा बाबा साहेब के जीवन और उनके सामाजिक एवं संवैधानिक योगदान पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण किया गया, जिसका कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन (showcasing) किया गया। इस प्रस्तुति को उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों द्वारा अत्यंत सराहा गया।

    विभाग की डीन डॉ. मोनिका शर्मा ने डॉ. अंबेडकर के जीवन और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष एवं समस्त संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का सफल संचालन विधि विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. योगेन्द्र सिंह सैनी द्वारा किया गया, जिन्होंने बाबा साहेब के कानूनी एवं सामाजिक योगदान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. हिमांशी श्रीवास्तव, लतीफ़, वीरेन्द्र चौधरी एवं राज नारायण जी का विशेष योगदान रहा।

    Click here to Read More
    Previous Article
    पोद्दार बिज़नेस स्कूल में ‘क्राफ्टशाला’ का उद्घाटन, कारीगरों के कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा
    Next Article
    शिक्षकों की 21 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment