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    33 साल बाद सांडेराव में पुन: शुरू होगा श्रीनिंबेश्वर महादेव पशु मेला

    8 hours ago

    -13 से 17 फरवरी तक होने वाले मेले की तैयारियों में जुटा पशुपालन विभाग 

    - पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने लिया तैयारियों का जायजा 

    जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना व पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत की पहल पर पशुपालन विभाग की ओर से पाली जिले की सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के साण्डेराव में 33 साल बाद पुन: श्रीनिंबेश्वर महादेव पशु मेला आयोजित किया जाएगा। जिला प्रशासन पाली 13 से 17 फरवरी-2026 तक होने वाले इस पांच दिवसीय पशु मेले की तैयारियों को लेकर जुटा हुआ। मेले के भव्य आयोजन को लेकर पशुपालन विभाग सहित 17 विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन तैयारियों का जायजा लेने के लिए राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि करीब 50 बीघा भूमि पर मेला आयोजन के संबंध में तमाम व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्य में ग्राम पंचायत सांडेराव, श्रीनिंबेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट जिला प्रशासन का सहयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि पशुपालकों को पानी, बिजली पशु चिकित्सा व टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, इसके लिए पशुपालन विभाग को निर्देशित किया गया है। कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से मेले में पशुपालन विभाग की ओर से पशुपालकों के ज्ञानवर्धन के लिए प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत की आज भी ज्यादातर आबादी या तो खेती पर निर्भर रहती है, या फिर उनका गुजारा पशुपालन के जरिए होता है। ऐसे में इस क्षेत्र के लोगों को एक सही बाजार दिया जा सके, इसलिए सांडेराव में पशु मेला आयोजित कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पशुपालन को बढ़ावा, अच्छी नस्लों के पशुओं की जानकारी देने के लिए सरकार का प्रयास है, ताकि नस्लों संरक्षण को मिल सके। इस पशु मेले में गाय, भैंस, बकरी, ऊंट, घोड़े और अन्य पशुओं को खरीदा और बेचा जा सकेगा । मेले में पशु पालन करने वाले लोगों को कई उन्नत नस्लों को खरीदने और बेचने का मौका मिलेगा। मेले में पशु की कीमत काफी कम रखी जाती है, ताकि अधिक से अधिक पशुपालकों को मेले तक लाया जा सके। कुमावत ने कहा कि इसके अलावा इस मेले में पशुओं की देखरेख, खानपान, ग्रामीण कला और खेती से जुड़े उपकरण भी बेचे जा सकेंगे । साथ ही किसानों को खेती की नई तकनीक से भी रूबरू कराया जाएगा। यह पशु मेला कला, संस्कृति और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगा । इसके जरिए विदेशी पर्यटकों को देश की ग्रामीण सभ्यता और संस्कृति को जानने का मौका मिलेगा। इस दौरान मंत्री  कुमावत ने मेले के पोस्टर व बैनर का विमोचन भी किया।

    इस मौके पर पाली डेयरी के अध्यक्ष प्रताप सिंह बिठिया, श्री निंबेश्वर महादेव ट्रस्ट, सांडेराव के अध्यक्ष जगत सिंह, सुमेरपुर नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी नरपत सिंह, पशुपालन विभाग, पाली के संयुक्त निदेशक डॉ. मनोज पंवार, तखतगढ के नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार, डीवाईएसपी जितेंद्र सिंह सहित अनेक प्रबुद्धजन मौजूद रहे।

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