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    भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराकर एशियन गेम्स हॉकी फाइनल में बनाई जगह, आखिरी मिनट में अभिषेक ने दिलाई रोमांचक जीत

    1 hour ago

    Yugcharan News / 01-10-2026

    भारत ने 2026 एशियन गेम्स के पुरुष हॉकी सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 4-3 से हराकर स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बना ली। जापान के गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम ने एक समय 3-0 की मजबूत बढ़त बना ली थी, लेकिन पाकिस्तान ने शानदार वापसी करते हुए स्कोर 3-3 कर दिया। मुकाबला पेनल्टी शूटआउट की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, तभी अभिषेक ने आखिरी मिनट में गोल कर भारत को निर्णायक बढ़त दिला दी।

    इस जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक मुकाबले में पहुंच गई है। फाइनल में भारत का सामना दूसरे सेमीफाइनल में मलेशिया और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा। पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक मुकाबला दोपहर 3:30 बजे भारतीय समयानुसार खेला जाना है।

    भारत ने आक्रामक शुरुआत की

    भारत ने मुकाबले की शुरुआत से ही पाकिस्तान पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार पाकिस्तान के सर्कल में प्रवेश किया और शुरुआती मिनटों में कई पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए।

    पांचवें मिनट में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को शानदार ड्रैग-फ्लिक के जरिए गोल में बदलकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। पाकिस्तान के गोलकीपर अली रजा के पास इस तेज शॉट को रोकने का मौका नहीं था।

    पहले गोल के बाद भी भारत का दबाव जारी रहा। भारतीय टीम ने अपनी प्रेसिंग के जरिए पाकिस्तान के डिफेंडरों को आसानी से पास बनाने का मौका नहीं दिया। पाकिस्तान को आक्रमण तैयार करने में परेशानी हुई और भारत लगातार गेंद पर नियंत्रण बनाए रहा।

    13वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। एक बार फिर हरमनप्रीत सिंह ने जिम्मेदारी संभाली और शानदार ड्रैग-फ्लिक के जरिए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इसके साथ भारत ने 2-0 की बढ़त हासिल कर ली।

    सुकजीत ने भारत को 3-0 से आगे किया

    भारत ने दूसरे क्वार्टर में भी अपनी आक्रामक गति बनाए रखी। 24वें मिनट में सुकजीत सिंह ने भारत की बढ़त को 3-0 कर दिया।

    इस गोल में शिलानंद लाकड़ा की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने दाईं ओर से शानदार मूव बनाते हुए गेंद को गोल के सामने पहुंचाया, जहां सुकजीत ने तेजी से प्रतिक्रिया करते हुए गेंद को गोल में डाल दिया।

    तीन गोल से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान पर दबाव बढ़ गया था। हालांकि, इसके बाद पाकिस्तानी टीम ने धीरे-धीरे अपने खेल में सुधार किया और पेनल्टी कॉर्नर हासिल करने शुरू किए।

    भारत के लिए चिंता की बात यह रही कि पाकिस्तान ने अपेक्षाकृत कम सर्कल एंट्री के बावजूद कई पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिए। भारतीय डिफेंस को इन मौकों को रोकने में अनुशासन बनाए रखने की जरूरत थी।

    पाकिस्तान ने हाफ टाइम से पहले खोला खाता

    पाकिस्तान को लगातार मिल रहे पेनल्टी कॉर्नर में से एक का फायदा 30वें मिनट में मिला। पाकिस्तान के कप्तान अबू बकर महमूद ने ड्रैग-फ्लिक के जरिए गोल कर स्कोर 3-1 कर दिया।

    गेंद भारतीय गोलकीपर मोहित शशिकुमार से टकराने के बाद गोल में चली गई। इस गोल ने पाकिस्तान को मुकाबले में वापस आने का रास्ता दिया।

    हाफ टाइम तक भारत 3-1 से आगे था, लेकिन पहले हाफ के अंतिम हिस्से में पाकिस्तान के बढ़ते दबाव ने भारतीय टीम की चिंताएं बढ़ा दी थीं। भारत ने पहले हाफ में पाकिस्तान को छह पेनल्टी कॉर्नर दिए थे।

    पूर्व भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने भी प्रसारण के दौरान भारत से डिफेंस में अधिक अनुशासन बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

    तीसरे क्वार्टर में पाकिस्तान की वापसी

    दूसरे हाफ में पाकिस्तान ने मुकाबले को और कड़ा कर दिया। भारत के लिए स्थिति तब और मुश्किल हो गई जब 43वें मिनट में दिलप्रीत सिंह को ग्रीन कार्ड मिला और भारतीय टीम को कुछ समय के लिए एक खिलाड़ी कम के साथ खेलना पड़ा।

    पाकिस्तान ने इस स्थिति का फायदा उठाया और 45वें मिनट में हन्नान शाहिद ने गोल कर दिया। भारत की बढ़त घटकर 3-2 रह गई।

    तीसरे क्वार्टर के अंत तक पाकिस्तान ने मुकाबले को पूरी तरह जीवित कर दिया था। भारत, जिसने शुरुआती दो क्वार्टर में काफी नियंत्रण रखा था, अब अपने डिफेंस को संभालने के लिए संघर्ष करता दिखाई दे रहा था।

    49वें मिनट में पाकिस्तान ने बराबरी की

    अंतिम क्वार्टर की शुरुआत भारत के लिए बेहद खराब रही। 49वें मिनट में वाहीद राणा ने पाकिस्तान के लिए तीसरा गोल कर दिया।

    पाकिस्तान ने दाईं ओर से भारतीय सर्कल में प्रवेश किया और भारतीय डिफेंस की चूक का फायदा उठाते हुए गेंद को अंदर पहुंचाया। वाहीद राणा ने मौका गंवाए बिना गेंद को गोल में डाल दिया।

    इसके साथ ही स्कोर 3-3 हो गया।

    एक समय 0-3 से पीछे चल रहा पाकिस्तान अब बराबरी पर पहुंच चुका था। मुकाबले का पूरा रुख बदल गया था और अंतिम मिनटों में दोनों टीमों पर दबाव बढ़ गया।

    अभिषेक ने आखिरी मिनट में दिलाई जीत

    स्कोर 3-3 होने के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों के पास बढ़त लेने के मौके आए। भारत ने अंतिम मिनटों में एक पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया, लेकिन पाकिस्तान ने रेफरल के जरिए फैसला अपने पक्ष में करा लिया। इसके बाद भारत को फ्री हिट मिली।

    मुकाबला अपने अंतिम क्षणों में पहुंच चुका था और ऐसा लग रहा था कि मैच पेनल्टी शूटआउट में जा सकता है।

    लेकिन भारत ने आखिरी समय में निर्णायक हमला किया।

    60वें मिनट में अभिषेक ने गोल कर भारत को 4-3 की बढ़त दिला दी। उनके प्रयास के बाद गेंद पाकिस्तानी स्टिक से डिफ्लेक्ट होकर गोल में गई। गोल के समय मुकाबला समाप्त होने में करीब 40 सेकंड ही बाकी थे।

    पाकिस्तान ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन भारतीय टीम ने शेष समय में बढ़त बनाए रखी। अंतिम हूटर बजते ही भारत ने 4-3 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    हरमनप्रीत ने डिफेंस में सुधार की बात कही

    मैच के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने टीम के प्रदर्शन पर बात करते हुए माना कि दूसरे हाफ में भारत ने डिफेंस में कई गलतियां कीं।

    उन्होंने कहा कि भारत ने शुरुआत अच्छी की थी, लेकिन दूसरे हाफ में रक्षात्मक गलतियों के कारण पाकिस्तान को मौके मिले और उसने उनका फायदा उठाया। हरमनप्रीत ने यह भी कहा कि टीम को फाइनल में पूरे मुकाबले के दौरान निरंतरता बनाए रखने की जरूरत होगी।

    भारत के कप्तान के मुताबिक टीम को सेमीफाइनल से सीख लेकर फाइनल में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। खास तौर पर डिफेंस में अनुशासन और अनावश्यक कार्ड से बचना भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण होगा।

    पाकिस्तान के खिलाफ भारत का मजबूत रिकॉर्ड जारी

    इस जीत के साथ पाकिस्तान के खिलाफ भारत का हालिया रिकॉर्ड और मजबूत हुआ है। द इंडियन एक्सप्रेस में द हॉकी म्यूजियम के आंकड़ों के हवाले से बताया गया कि 1 जनवरी 2000 के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच 93 मुकाबले हुए थे। इनमें भारत ने 43 मैच जीते, पाकिस्तान ने 38 और 12 मुकाबले ड्रॉ रहे।

    एशियन गेम्स के इस सेमीफाइनल से पहले पाकिस्तान के खिलाफ भारत की लगातार 20 मैचों की जीत रहित स्थिति थी, जो अप्रैल 2016 से चली आ रही थी।

    2026 में भी भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ एक बड़ी जीत दर्ज की थी। जून में भारत ने पाकिस्तान को 7-1 से हराया था। इसी वर्ष हुए हॉकी विश्व कप मुकाबले में भी भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से मात दी थी।

    हालांकि, एशियन गेम्स का यह मुकाबला पहले के मुकाबलों से काफी अलग रहा। भारत ने शुरुआती चरण में 3-0 की बढ़त हासिल की, लेकिन पाकिस्तान ने शानदार वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। अंत में अभिषेक के आखिरी मिनट के गोल ने भारत को फाइनल का टिकट दिला दिया।

     

    अब भारतीय पुरुष हॉकी टीम की नजर स्वर्ण पदक पर होगी। फाइनल में भारत का सामना मलेशिया और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।

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