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    ट्रंप ने AI का नाम बदलकर किया ‘सुपर इंटेलिजेंस’, सरकारी दस्तावेजों में अब SI का होगा इस्तेमाल

    1 hour ago

    Yugcharan News / 01-10-2026

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी Artificial Intelligence (AI) को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। व्हाइट हाउस द्वारा जारी आदेश के तहत अमेरिकी संघीय सरकार के आधिकारिक संचार और गैर-कानूनी दस्तावेजों में अब “Artificial Intelligence” और “AI” की जगह “Super Intelligence” और “SI” शब्दों का इस्तेमाल किया जाएगा।

    ट्रंप प्रशासन ने इस बदलाव को तेजी से विकसित हो रही एआई तकनीक की क्षमताओं को दर्शाने वाला कदम बताया है। हालांकि, आदेश मौजूदा कानूनों में इस्तेमाल होने वाले “Artificial Intelligence” शब्द को तुरंत खत्म नहीं करता। इसके बजाय प्रशासन को अगले 60 दिनों के भीतर “Super Intelligence” की एक संभावित संघीय परिभाषा तैयार करने और यह देखने का निर्देश दिया गया है कि मौजूदा वैधानिक परिभाषा में किस तरह बदलाव किया जा सकता है।

    कार्यकारी आदेश में क्या कहा गया?

    29 सितंबर 2026 को जारी कार्यकारी आदेश का शीर्षक “Inaugurating the Era of Super Intelligence” है। इसमें ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि आज के अत्याधुनिक एआई सिस्टम उन क्षमताओं से आगे निकल चुके हैं, जिनकी कल्पना उस समय की गई थी जब “Artificial Intelligence” शब्द पहली बार इस्तेमाल किया गया था।

    व्हाइट हाउस के मुताबिक, आधुनिक फ्रंटियर एआई सिस्टम अब केवल मानव बुद्धिमत्ता के कुछ हिस्सों की नकल या स्वचालन तक सीमित नहीं हैं। प्रशासन का कहना है कि ये तकनीक मानव क्षमता और रचनात्मकता को बढ़ाने तथा विज्ञान, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा करने में सक्षम हैं।

    इसी आधार पर कार्यकारी आदेश में कहा गया है कि अमेरिकी सरकार द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली भी इन तकनीकी क्षमताओं के अनुरूप होनी चाहिए।

    आदेश के अनुसार, संघीय कार्यकारी विभागों और एजेंसियों को आधिकारिक पत्राचार, सार्वजनिक संचार, वेबसाइटों, रिपोर्टों, नीति दस्तावेजों और अन्य गैर-सांविधिक दस्तावेजों में “Super Intelligence” और “SI” शब्दों का इस्तेमाल करना होगा।

    पुराने दस्तावेजों में बदलाव जरूरी नहीं

    ट्रंप के आदेश का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि सरकार द्वारा पहले से जारी किए गए सभी दस्तावेजों को दोबारा तैयार करने की आवश्यकता नहीं होगी।

    कार्यकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पहले से जारी नियमों, राष्ट्रपति के आदेशों, अनुबंधों, अनुदानों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को केवल नई शब्दावली के अनुरूप बदलना जरूरी नहीं होगा।

    इसका मतलब है कि “AI” शब्द अमेरिकी सरकारी रिकॉर्ड से तुरंत पूरी तरह गायब नहीं होगा। इसके बजाय, आगे जारी होने वाले कार्यकारी शाखा के आधिकारिक और गैर-सांविधिक संचार में “SI” को प्राथमिक शब्दावली के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।

    60 दिनों में तैयार होगी नई परिभाषा

    कार्यकारी आदेश में अमेरिकी राष्ट्रपति के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सलाहकार यानी Assistant to the President for Science and Technology (APST) को 60 दिनों के भीतर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।

    इस प्रक्रिया में अन्य सरकारी एजेंसियों के प्रमुखों से परामर्श किया जाएगा। प्रस्ताव में यह आकलन शामिल होगा कि “Super Intelligence” की परिभाषा मौजूदा “Artificial Intelligence” की वैधानिक परिभाषा में किस हद तक बदलाव, विस्तार या उसका स्थान ले सकती है।

    इसके अलावा, मौजूदा कानूनों में “Artificial Intelligence” और “AI” के संदर्भों में आवश्यक बदलावों का भी सुझाव दिया जाना है।

    हालांकि, कार्यकारी आदेश यह भी स्पष्ट करता है कि जब तक कानून में बदलाव नहीं होता या बाद में कोई वैध राष्ट्रपति आदेश नहीं आता, मौजूदा अमेरिकी कानून में दी गई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परिभाषा ही लागू रहेगी।

    व्हाइट हाउस ने क्यों बदला नाम?

    व्हाइट हाउस ने अलग से जारी फैक्ट शीट में कहा कि “Super Intelligence” नाम आधुनिक तकनीक की क्षमताओं और संभावनाओं को बेहतर तरीके से दर्शाता है।

    प्रशासन के अनुसार, मौजूदा तकनीक मानव रचनात्मकता को बढ़ाने और ऐसे काम संभव बनाने की क्षमता रखती है जो पहले संभव नहीं थे। व्हाइट हाउस ने इस बदलाव को अमेरिका की तकनीकी बढ़त और भविष्य की अर्थव्यवस्था से भी जोड़ा है।

    फैक्ट शीट में ट्रंप प्रशासन ने यह भी कहा है कि सरकार ने विज्ञान, चिकित्सा, ऊर्जा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में इस तकनीक के इस्तेमाल को आगे बढ़ाने के लिए कई पहल शुरू की हैं।

    ट्रंप पहले भी उठा चुके थे नाम बदलने का मुद्दा

    ट्रंप ने इस बदलाव की संभावना पहली बार सितंबर में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उठाई थी। उन्होंने “Artificial Intelligence” शब्द को लेकर अपनी असहमति जताई थी और इसके स्थान पर अलग-अलग नामों पर लोगों की राय मांगी थी।

    इसके बाद उन्होंने “Super Intelligence” नाम को आगे बढ़ाया। संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान भी ट्रंप ने इस विषय का उल्लेख करते हुए कहा था कि “artificial” शब्द से तकनीक की वास्तविक क्षमताएं पूरी तरह स्पष्ट नहीं होतीं।

    अब कार्यकारी आदेश के जरिए यह बदलाव अमेरिकी कार्यकारी शाखा की आधिकारिक शब्दावली का हिस्सा बना दिया गया है।

    AI कंपनियों के साथ बैठक के बाद आया फैसला

    यह कार्यकारी आदेश ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने व्हाइट हाउस में प्रमुख एआई कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की थी।

    बैठक में एआई उद्योग के कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने एआई सुरक्षा से संबंधित एक समझौते की जानकारी दी, जिसमें कंपनियों से आंतरिक नियंत्रण और ऑडिट व्यवस्था मजबूत करने की अपेक्षा की गई है।

    Nvidia के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने भी ट्रंप के नए शब्द “Super Intelligence” का इस्तेमाल किया। उन्होंने नए प्रकार के डेटा सेंटरों को “SI factories” यानी “Super Intelligence factories” के रूप में संदर्भित किया।

    इससे संकेत मिला कि उद्योग के कुछ प्रमुख प्रतिनिधि प्रशासन द्वारा अपनाई गई नई शब्दावली का सार्वजनिक रूप से इस्तेमाल करने लगे हैं।

    अमेरिकी सीनेटर ने जताई आपत्ति

    ट्रंप के फैसले पर अमेरिकी सीनेट की इंटेलिजेंस कमेटी के उपाध्यक्ष और डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वॉर्नर ने आलोचनात्मक प्रतिक्रिया दी है।

    वॉर्नर ने कहा कि अत्याधुनिक एआई सिस्टम विकसित करने वाली कंपनियां खुद चेतावनी दे रही हैं कि तकनीक की प्रगति सुरक्षा उपायों की तुलना में तेज हो रही है। उनके अनुसार, केवल तकनीक का नाम बदलने से उससे जुड़े सुरक्षा जोखिमों का समाधान नहीं होगा।

    वॉर्नर ने कहा कि एआई में अमेरिका की नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि ये सिस्टम सुरक्षित हों और मानव नियंत्रण में रहें। उन्होंने अत्याधुनिक एआई सिस्टम के लिए परीक्षण, मूल्यांकन, साइबर सुरक्षा और घटना रिपोर्टिंग से जुड़े कड़े नियमों की वकालत की है।

    वॉर्नर और कुछ अन्य सांसदों ने Artificial Intelligence Risk Management and Security Act of 2026 नामक कानून का प्रस्ताव भी रखा है। उनके प्रस्ताव में अत्याधुनिक एआई सिस्टम के लिए अनिवार्य सुरक्षा और सुरक्षा-मूल्यांकन मानक स्थापित करने की बात कही गई है।

    नाम बदलने से कानूनों पर क्या असर पड़ेगा?

    कार्यकारी आदेश का तत्काल प्रभाव मुख्य रूप से अमेरिकी कार्यकारी शाखा की शब्दावली और सरकारी संचार पर है। यह आदेश अपने आप कांग्रेस द्वारा बनाए गए कानूनों में मौजूद “Artificial Intelligence” शब्द को नहीं बदलता।

    यही कारण है कि 60 दिनों के भीतर तैयार किया जाने वाला प्रस्ताव महत्वपूर्ण होगा। प्रशासन को यह बताना होगा कि “Super Intelligence” की नई परिभाषा मौजूदा संघीय कानून में मौजूद एआई की परिभाषा के साथ किस तरह जोड़ी जाएगी।

    यदि भविष्य में कांग्रेस संबंधित कानूनों में संशोधन करती है, तो सरकारी स्तर पर “SI” शब्द के इस्तेमाल का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल, कार्यकारी आदेश के अनुसार नई शब्दावली मुख्य रूप से कार्यकारी शाखा के आधिकारिक और गैर-सांविधिक संचार में लागू होगी।

    एआई की वैश्विक बहस के बीच बड़ा प्रशासनिक बदलाव

    ट्रंप प्रशासन का यह कदम ऐसे समय आया है जब दुनिया भर में अत्याधुनिक एआई मॉडल की क्षमताओं, सुरक्षा, साइबर जोखिम, रोजगार और नियमन को लेकर बहस चल रही है।

    एक तरफ अमेरिकी प्रशासन इन तकनीकों को वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण मान रहा है, वहीं अमेरिकी कांग्रेस में कुछ सांसद अधिक कठोर सुरक्षा मानकों की मांग कर रहे हैं। मार्क वॉर्नर की प्रतिक्रिया इसी व्यापक बहस का हिस्सा है।

    इस आदेश से फिलहाल अमेरिकी सरकारी संचार की शब्दावली में बड़ा बदलाव आएगा। लेकिन “Super Intelligence” को भविष्य में अमेरिकी कानूनों में किस तरह परिभाषित किया जाएगा और क्या यह “Artificial Intelligence” की मौजूदा कानूनी परिभाषा को पूरी तरह बदल पाएगा, यह अगले चरण की विधायी और प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

    फिलहाल ट्रंप प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी कार्यकारी शाखा में एआई के लिए नया आधिकारिक शब्द “Super Intelligence” यानी “SI” होगा।

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