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    फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट को चाकू मारे जाने के बाद नेतन्याहू ने बताया ‘हीरो’, इजरायल की उड़ानों पर लगी रोक

    1 hour ago

    Yugcharan News / 01-10-2026

    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की सराहना करते हुए उन्हें “सच्चा हीरो” बताया है। कैप्टन मच्छर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर चाकू मार दिया था। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में कुल 174 लोग सवार थे।

    इजरायली अधिकारियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब फ्लाइट एफजेड1073 इजरायल की ओर बढ़ रही थी। अधिकारियों ने दावा किया कि सह-पायलट का कथित उद्देश्य विमान को नीचे गिराना हो सकता था। हालांकि, घटना के पीछे की वजह या मकसद अभी तक आधिकारिक तौर पर स्थापित नहीं हुआ है और मामले की जांच जारी है।

    नेतन्याहू ने बुधवार को कैप्टन स्मित मच्छर की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने हमलावर का मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने में मदद करने का अवसर दिया।

    नेतन्याहू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि कैप्टन मच्छर ने संघर्ष किया, प्रतिरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। उनके अनुसार, इस कार्रवाई से यात्रियों और चालक दल को हमलावर को काबू करने में मदद मिली और संभावित रूप से एक बड़ी हवाई दुर्घटना टल गई।

    उड़ान को सऊदी अरब में करानी पड़ी आपात लैंडिंग

    फ्लाईदुबई का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भर रहा था। कॉकपिट में हुई घटना के बाद विमान को अपने निर्धारित गंतव्य की बजाय सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित तबुक की ओर मोड़ दिया गया।

    उड़ान की निगरानी करने वाली सेवा फ्लाइटरडार24 के अनुसार, विमान ने बेहद कम समय में काफी ऊंचाई खोई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक विमान करीब 33,000 फीट की ऊंचाई से लगभग 17,000 फीट तक करीब एक मिनट में नीचे आया। भारतीय मानकों के अनुसार यह लगभग 10,000 मीटर से 5,200 मीटर तक की ऊंचाई में गिरावट थी।

    आपात स्थिति के बावजूद विमान को तबुक में सुरक्षित उतार लिया गया। इसके बाद सऊदी अधिकारियों ने कथित हमलावर सह-पायलट को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सह-पायलट की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

    इजरायली प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश में कहा कि विमान में मौजूद अधिकांश यात्री इजरायली नागरिक थे और उनके अनुसार सह-पायलट ने संभवतः विमान को इजरायल के करीब पहुंचने के दौरान नीचे गिराने की कोशिश की थी। हालांकि, इस दावे की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    फ्लाईदुबई ने इजरायल के लिए उड़ानें रोकीं

    घटना के बाद फ्लाईदुबई ने इजरायल से आने-जाने वाली अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। एयरलाइन ने घटना को कॉकपिट में हुई “झड़प” बताया और कहा कि ड्यूटी पर मौजूद चालक दल के सदस्यों ने स्थिति को नियंत्रित करने के बाद विमान को सुरक्षित रूप से दूसरे स्थान पर उतारा।

    संयुक्त अरब अमीरात के नागरिक उड्डयन नियामक जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी ने भी कहा कि विमान में एक सुरक्षा संबंधी घटना हुई थी, जिसे नियंत्रण में ले लिया गया।

    एयरलाइन और संबंधित अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि कॉकपिट में विवाद किस तरह शुरू हुआ, पायलट पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ और विमान के नियंत्रण पर इसका क्या प्रभाव पड़ा।

    इजरायल में विदेशी पायलटों की जांच की तैयारी

    घटना के बाद इजरायल सरकार ने देश में आने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के पायलटों की पहचान और सुरक्षा जांच को लेकर अतिरिक्त कदम उठाने की बात कही है।

    इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता डोरोन स्पीलमैन ने कहा कि अब इजरायल आने वाली उड़ानों के पायलटों की पहचान की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश में उड़ान भरने वाले प्रत्येक पायलट की पहचान अधिकारियों के पास होगी और सुरक्षा जांच की किसी प्रक्रिया के तहत उनकी जानकारी की समीक्षा की जाएगी।

    यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अधिकारी फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई घटना के कारणों और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं।

    हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इजरायल द्वारा प्रस्तावित जांच की प्रक्रिया किस रूप में लागू की जाएगी और इसका अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों के संचालन पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

    यात्रियों ने सुनाई डरावनी कहानी

    विमान में मौजूद यात्रियों ने घटना के बाद उस समय की स्थिति को बेहद भयावह बताया। कुछ यात्रियों ने बताया कि विमान अचानक बहुत तेजी से नीचे जाने लगा था और लोगों को कुछ समय के लिए लगा कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है।

    इजरायली यात्री यानिव हायून ने बताया कि वह कॉकपिट में पहुंचे और विमान के नियंत्रण को संभालने की कोशिश की। उनके अनुसार, उन्होंने टेलीविजन पर देखे अनुभव के आधार पर नियंत्रण को पीछे खींचा और बाद में चालक दल के सदस्यों ने विमान को संभालने में भूमिका निभाई।

    तेल अवीव के बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद नेतन्याहू ने हायून से मुलाकात भी की। घटना के दौरान उनके कपड़ों पर खून के निशान दिखाई दे रहे थे।

    एक अन्य यात्री आसफ राजुआन ने भी हमलावर को काबू करने में मदद की। उन्होंने बताया कि उस समय प्रतिक्रिया किसी सोची-समझी योजना के तहत नहीं बल्कि परिवार और अन्य लोगों की जान बचाने के लिए तत्काल हुई।

    यात्री अल्मोग इताली ने बताया कि विमान बहुत तेजी से नीचे गया, फिर कुछ समय के लिए स्थिर हुआ और उसके बाद कई बार फिर नीचे गिरा।

    एक अन्य यात्री नामा बरशाद्स्की ने बताया कि उन्होंने उस दौरान आंखें बंद कर प्रार्थना की क्योंकि उन्हें लगा कि विमान में सवार सभी लोगों की जान खतरे में है।

    यात्रियों को दूसरी उड़ान से तेल अवीव पहुंचाया गया

    तबुक में आपात लैंडिंग के बाद फ्लाईदुबई ने यात्रियों को उनके अंतिम गंतव्य तक पहुंचाने के लिए एक राहत उड़ान की व्यवस्था की। इस उड़ान के जरिए सभी यात्रियों को सऊदी अरब से इजरायल ले जाया गया।

    यात्री बाद में तेल अवीव के बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। उनकी यात्रा पूरी कराने के लिए की गई व्यवस्था के बाद कई यात्रियों ने मीडिया से बातचीत कर विमान में हुई घटना के बारे में जानकारी साझा की।

    विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बावजूद घटना ने विमान के कॉकपिट की सुरक्षा और चालक दल के सदस्यों से जुड़े संभावित खतरों को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

    भारतीय पायलट की हालत स्थिर बताई गई

    भारत के लिए इस घटना में कैप्टन स्मित मच्छर की स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट को सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी शहर तबुक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    दूतावास के अनुसार, कैप्टन मच्छर को आवश्यक चिकित्सा सहायता दी जा रही है। मिशन ने कहा कि वह पायलट के स्वास्थ्य की पूरी जानकारी का इंतजार कर रहा है, हालांकि उपलब्ध सूचना के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।

    गंभीर चोट के बावजूद विमान को सुरक्षित रूप से उतारने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका की इजरायली अधिकारियों ने विशेष रूप से सराहना की है।

    ट्रंप ने भी घटना पर दी प्रतिक्रिया

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने नेतन्याहू से घटना को लेकर बातचीत की थी और उन्हें बताया गया कि एक इजरायली यात्री ने विमान को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाने में हस्तक्षेप किया।

    ट्रंप के अनुसार, विमान तेजी से नीचे जा रहा था और पायलट के कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों ने कथित हमलावर को पकड़ लिया। उन्होंने यह भी कहा कि एक यात्री ने विमान के नियंत्रण को संभालने में मदद की और विमान को फिर से संतुलित करने में योगदान दिया।

    हालांकि, ट्रंप द्वारा घटना के दौरान सह-पायलट के बारे में की गई कुछ टिप्पणियां उनके प्रारंभिक आकलन पर आधारित थीं। जांच एजेंसियों ने अभी तक सह-पायलट के कथित उद्देश्य या किसी व्यापक आतंकवादी साजिश की पुष्टि नहीं की है।

    जांच के बाद ही स्पष्ट होगा घटना का कारण

    फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई यह घटना फिलहाल कई स्तरों पर जांच के दायरे में है। सऊदी अधिकारियों के पास सह-पायलट की हिरासत है, जबकि एयरलाइन और विमानन अधिकारियों द्वारा भी घटना की परिस्थितियों की समीक्षा की जा रही है।

    सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कॉकपिट में हमला किस कारण हुआ और क्या सह-पायलट का वास्तव में विमान को गिराने का इरादा था। इजरायली अधिकारियों ने इस संभावना का उल्लेख किया है, लेकिन इसका अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

    इसके अलावा, जांच में यह भी देखा जाएगा कि कॉकपिट में सुरक्षा व्यवस्था ने घटना के दौरान किस तरह काम किया, यात्रियों और चालक दल ने किस क्रम में प्रतिक्रिया दी और विमान के नियंत्रण को सुरक्षित बनाए रखने में किन लोगों की भूमिका रही।

    फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छर का तबुक के अस्पताल में उपचार जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है। फ्लाईदुबई ने इजरायल के लिए अपनी उड़ानें जांच पूरी होने तक रोक दी हैं। वहीं, इजरायल सरकार द्वारा देश में आने वाले पायलटों की पहचान और सुरक्षा जांच बढ़ाने की घोषणा के बाद यह घटना अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण जांच का विषय बन गई है।

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