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    एआई और हाई-स्पीड माइक्रोस्कोपी से जीवन के रहस्यों को समझने पर विशेष प्लेनरी टॉक

    6 hours ago

    जयपुर। बियानी गर्ल्स कॉलेज के विज्ञान विभाग की ओर से “अनलॉकिंग द सीक्रेट ऑफ लाइफ: एआई प्रिडिक्ट्स एंड एचएस-एएफएम विज़ुअलाइज़ेज़” विषय पर विशेष प्लेनरी टॉक एवं अकादमिक संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नैनोसाइंस और लाइफ साइंसेज के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध एवं तकनीकी विकास पर चर्चा की गई।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता, कनाज़ावा यूनिवर्सिटी की डब्ल्यूपीआई-नैनो लाइफ साइंस इंस्टीट्यूट (नैनोएलएसआई) की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मधु बियानी, कांसेई गाकुइन यूनिवर्सिटी के प्रो. मनिष बियानी, असिस्टेंट डायरेक्टर सीए अभिषेक बियानी , असिस्टेंट डायरेक्टर सीए साक्षी बियानी

    एवं डीन व प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल, साइंस विभाग की एचओडी डॉ.शिल्पा भार्गव द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

    कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में कनाज़ावा यूनिवर्सिटी की डब्ल्यूपीआई-नैनो लाइफ साइंस इंस्टीट्यूट (नैनोएलएसआई) की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मधु बियानी ने जापान के विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एआई आधारित तकनीकों के माध्यम से जैविक घटनाओं और प्रक्रियाओं का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है तथा हाई-स्पीड एटॉमिक फोर्स माइक्रोस्कोपी (एचएस-एएफएम) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से जीवन की सूक्ष्म प्रक्रियाओं को नैनो स्तर पर देखा और समझा जा सकता है।

    प्लेनरी टॉक के दौरान डॉ. मधु बियानी ने एआई आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उन्नत इमेजिंग तकनीकों के समन्वय से जैविक एवं नैनोस्तरीय शोध में संभावनाओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक एवं अंतरविषयक शोध के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया तथा विज्ञान के क्षेत्र में नई तकनीकों के बढ़ते महत्व पर चर्चा की।

    कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों के साथ इंटरैक्टिव सेशन रहा। इस सत्र का संचालन जापान के क्वानसी गाकुइन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. मनीष बियानी द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अकादमिक यात्रा, उच्च शिक्षा, शोध के अवसरों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर निर्माण से जुड़े विषयों पर संवाद किया। विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रश्न पूछकर जापान में उच्च शिक्षा एवं शोध के अवसरों की जानकारी प्राप्त की।

    कार्यक्रम के समापन पर असिस्टेंट डायरेक्टर सीए साक्षी बियानी , और डीन व प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

    यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए एआई आधारित लाइफ साइंस रिसर्च, उन्नत माइक्रोस्कोपी, उच्च शिक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय करियर के अवसरों को समझने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। जापान के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से जुड़े विशेषज्ञों के साथ संवाद ने विद्यार्थियों के अकादमिक ज्ञान में वृद्धि करने के साथ-साथ उनके वैश्विक दृष्टिकोण को भी समृद्ध किया।

     

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